लार्ड लोथियन बहस से हुई आदधर्म मंडल की उपलब्धियां।।
।। लार्ड लोथियन बहस से हुई आदधर्म मंडल की उपलब्धियां।। साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल और भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जोड़ी ने, लार्ड लोथियन के सामने जो कमाल किया था, उस से समूचा ब्राह्मणवाद कांप उठा, क्योंकि साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी ने जो रणनीति तैयार की थी, उस की भनक किसी को भी लग नहीं पाई थी। उन जी योजनाओं का किसी भी छदमी ब्राह्मण को अहसास नहीं हुआ था, अगर हो जाता तो ना जाने क्या छल खेला जाता। जहां सिख धर्म, हिन्दू धर्म, इस्लाम धर्म, के नेता, अंदर और बाहर के शूद्रों को अपनी जनसंख्या बढ़ाने के लिए मुँह से लारें टपका रहे थे, वहां सभी के मुंह से, बबूल के कड़बे स्वाद परेशान कर रहे थे। शाही कमीशनों की रिपोर्टों के आधार पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडॉनल्ड ने, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी और स्वामी अच्छूतानंद जी महाराज के, ज्ञापनों और तर्को के आधार पर भारत के वास्तविक मूलनिवासियों को ही नहीं अपितु समस्त अल्पसख्यकों को भी प्रतिनिधित्व देने का निर्णय लिया गया था, जिस को कम्युनल अबार्ड कहा गया था। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने, जिस तरीके से आदधर्म मंडल के दबाब समूह की मांगों को, ला...