छात्रों का नैतिक पतन क्यों हो रहा
मेरी 85% मूलनिवासी साथियो, सोहम, जय गुरुदेव! आप आए दिन यह सुनते आ रहे हैं, कि अमुक स्थान पर अमुक छात्र ने अमुक छात्रा के साथ अश्लील हरकत की है, अमुक छात्र ने अमुक छात्रा के ऊपर तेजाब फेंक कर उसे जला दिया है, अमुक छात्रा ने अमुक छात्र को ब्लैकमेल कर के उसके साथ अनुचित संबंध बनाए हैं, अमुक छात्रा ने अमुक छात्र को बुरी तरह पिटावाया, मगर ये घटनाएं क्यों घट रही हैं? इस पर कोई चिंतन नहीं हो रहा है, अगर हो भी रहा है तो उस को अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा है और कानूनी कार्रवाई कर के छात्र और छात्राओं को पथभ्रष्ट कर के और अधिक अनुशासनहीन बनाया जा रहा है, जब कि शिक्षा का लक्ष्य ही विकृत मानसिकता वाले लोगों को अच्छे इंसान बनाना है, जिस के लिए शिक्षा का अच्छा ज्ञान देना बहुत जरूरी है मगर दुख इस बात का है कि जो मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति बन रहे हैं, उन का अपना ही शैक्षिक ज्ञान अधूरा है। शिक्षा मंत्री ही पांच- दस कक्षा पढ़े लिखे बनाए जाते हैं, जिन लोगों ने कभी ज्ञान अर्जित करने के लिए स्कूल का दरवाजा तक नहीं देखा वही प्रधान बन रहे, जो लोगों को खुद ही झगड़ों में उलझाते है...