वोटिंग मशीन से चुनाव बंद क्यों नहीं किए जाते

 

मेरे 85% मूलनिवासी साथियो,
सोहम, जय गुरुदेव!
साहिब कांशीराम जी ने बहुजन आंदोलन शुरू करते समय आप लोगों को कहा था कि, "भारत में 85% लोगों के ऊपर 15% लोग गुंडागर्दी कर के राज करते आ रहे हैं", इसलिए ही उन्होंने मनुवादी लोगों को कहा था कि अब "वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा, नहीं चलेगा" जिस से घबरा कर के मनुवाद आंतरिक रुप से इकट्ठा हो गया और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सोचा कि किस प्रकार वोट चोरी किये जाएं? जिस के लिए काग्रेस ने दिमाग लड़ाना शुरू कर दिया था, किस प्रकार चाणक्य नीति के अनुसार चुनाब जीता सके। जिस के परिणाम स्वरूप कांग्रेस पार्टी ने जापान से वोटिंग मशीन खरीदने का निर्णय ले लिया, ताकि वोटिंग मशीन को अपने वश में कर के वोटों की चोरी कर के ही सरकार बना ली जाए, क्योंकि भारत की 85% मूलनिवासी जनता समझ गई थी, कि जब हमारे 85% वोट हैं, तो फिर 15% मनुवादी लोग हमारे ऊपर राज क्यों करें और अंधाधुध मूलनिवासी साहिब कांशीराम जी के आह्वान पर एक मंच पर इकट्ठे होने लग पड़े थे। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के साथ सैटिंग कर के 10:10 साल के लिए राज करने के लिए समझौता कर लिया, जिस के परिणाम स्वरूप कांग्रेस ने वोटिंग मशीन के सहारे निरंतर 10 साल तक राज किया, जिस के बाद भाजपा को 2014 में 10 साल तक राज करने के लिए दे दिया। जब पहली बार मोदी प्रधानमंत्री बना तो उस ने पहले ही संबोधन में भारत की जनता को यह बता दिया था, कि अब 2024 तक मेरा शासन रहेगा और वास्तव में ही इस ने लालफीताशाही और वोटिंग मशीन को अपने वश में कर के दोबारा 2019 में सत्ता छीन ली। जब चुनाबों में वोटिंग मशीन की चोरी पकड़ी जाने लगी, तब लोगों ने उस के प्रमाण भी देने शुरू कर दिए।
कांग्रेस पार्टी मौन क्यों? :---भाजपा खुलेआम बोटिंग मशीन से चुनाव जीत कर राज कर रही है जिस के खिलाफ महाराष्ट्र के तत्कालीन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष माणिक राव ने राहुल गांधी को बताया था, कि महाराष्ट्र के चुनावों में वोटिंग मशीन से वोट चोरी हुई हैं, तो राहुल ने माणिक राव को मुंह बंद रखने का निर्देश दिया गया, उस के बाद उत्तर प्रदेश के तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राज बबर ने भी कहा था, कि "वोटिंग मशीन से हेराफेरी कर के चुनाबी गड़बड़ की जा रही है", मगर तब भी राहुल गांधी ने उस को भी अध्यक्ष पद से हटा दिया था, जिस से प्रमाणित होता है, कि कांग्रेस की मिली भगत से ही बोटरों के साथ धोखा किया जा रहा है, तभी कांग्रेस वोटिंग मशीन के विरोध में ना तो सड़कों पर उतरती है और ना ही वोटिंग मशीन के खिलाफ कोई स्टेटमेंट जारी करती है, इसीलिए कांग्रेस चुपी धारण कर के भाजपा को मौन समर्थन देती आ रही है। समस्त मनुवाद आंतरिक रूप से इकट्ठा हो गया है ताकि 85% मूलनिवासी लोगों का राज स्थापित ना हो सके, उस के लिए मनुवाद लोग लामबंद हो कर के वोटिंग मशीन को हाईजैक कर के बोट चोरी कर के राज करता आ रहा है। जिन देशों ने वोटिंग मशीनें बनाई है, उन्होंने वोटिंग मशीन से चुनाव करवाना बंद कर दिए हैं, क्योंकि वे भी जानते हैं कि वोटिंग मशीन को हाईजैक किया जा सकता है और इस से निष्पक्ष ईमानदार सरकार नहीं बना जा सकती है मगर भारत में वोटिंग मशीन में चोरी पकड़े जाने पर कई आंदोलन किये जाने पर भी इसे बैन नहीं किया जा रहा है। बामसेफ के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम जी दस सालों से वोटिंग मशीन को बैन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ते आ रहे हैं मगर कांग्रेस और भाजपा सरकारें कोई परवाह नहीं कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रही हैं। चुनाव आयोग, जुडिसियरि और प्रशासनिक अधिकारियों को कांग्रेस, भाजपा ने हाईजैक कर रखा है और उन के बल पर असंवैधानिक सरकार बनाते आ रहे हैं, जिस के परिणाम स्वरूप भारतवर्ष में तानाशाही बढ़ गई है और मनमाने निर्णय लेकर के जनता को परेशान किया जा रहा है। वोटर की कोई परवाह नहीं की जा रही है, इसी कारण मनुवादियों की तानाशाही सरकारों ने दिल्ली के तुगलकाबाद में गुरु रविदास जी और सिकंदर लोदी का इतिहास खत्म करने के लिए गुरु रविदास मंदिर की 700 कनाल जमीन छीन कर लोगों को परेशान कर रखा है। बीस करोड़ मुसलमानों की आस्था के साथ खिलबाड़ करने के लिए बाबरी मस्जिद को गिरा दिया है, इसी तरह जम्मू काश्मीर में भी धारा 370 खत्म की गई, इस के अतिरिक्त भी और कई प्रकार के धार्मिक विवाद उत्पन्न कर के हिंदू-मुसलमानों को लड़ाया जा रहा है, जब कि किसी भी पार्टी की सरकार कोई भी ऐसा निर्णय नहीं करती है, जिस से एक भी वोटर नाराज ना हो जाए मगर यह सब कुछ तब हो रहा है, जब जनता के बोट की इन पार्टियों को कोई जरूरत नहीं है, इसलिए भारत के मूलनिवासियों को जातीय वैमनस्य भुला कर एक मंच पर इकट्ठा हो कर के बामसेफ के अध्यक्ष माननीय मेश्राम जी और कमलकांत काले के नेतृत्व में इकट्ठा हो कर के वोटिंग मशीन को बंद करवाने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिए। बहुजन मुक्ति पार्टी को ही वोट देकर के 85% लोगों की सरकार बनाने के लिए तत्काल सभी 85% मूलवासी जनता को लामबंद हो जाना चाहिए। ये निर्णय कर लेना चाहिए कि अब हम मनुवादी राजनीतिक दलों को कभी भी वोट नहीं करेंगे, केवल और केवल मूलनिवासी उम्मीदबार को ही जिताने के लिए वोट डालना चाहिए, तभी भारतवर्ष उन्नति के शिखर पर पहुँच सकेगा।
राम सिंह आदवंशी।
महासचिव,
बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश।

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