उत्तर प्रदेश में चल रहा बुलडोजर।

 मेरे 85% मूलनिवासी साथियो,

सोहम, जय गुरुदेव! 

उत्तर प्रदेश के अनूसूचित जाति, जनजाति ओबीसी और अल्पसंख्यक मुसलमानों, ईसाइयों की दिन प्रति दिन दुर्दशा होती जा रही है, जिस के लिए केवल और केवल, बहुजन समाज पार्टी  की नेत्री सुश्री मायावती, मुस्लिम नेता ओवैसी, समाजवादी पार्टी के ओबीसी नेता अखिलेश यादव और राजभर ही दोषी हैं, इन की मूर्खता और अहंकार ही इन को ले डूबा। आज उत्तर प्रदेश में राक्षस राज चल रहा है, उस के लिए पूरी तरह यही लोग जिम्मेदार हैं, इन्हीं की फूट के कारण आज गरीबों के घरों को बुलडोजर से उजाड़ा जा रहा हैं, गरीबों को बेघर किया जा रहा है, गरीबों को भूखे नंगे मरने के लिए विवश किया जा रहा है, रोटी, कपड़े और मकान से बेजार किया जा रहा है, बरसात के मौसम में कई लोग बेघर हो चुके हैं, यदि ये सभी अहंकारी नेता बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम जी का कहा मान लेते, तो आज उत्तर प्रदेश में संयुक्त मोर्चे की सरकार होती, जिस में सभी मूलनिवासी दलों के नेता जिस में ओवैसी, अखिलेश, मायावती और राजभर इकट्ठे रहते तो आज उत्तर प्रदेश में योगी राज ना होता। चुनावों में योगी तो क्या मोदी भी उत्तर प्रदेश में ढूंढने को नहीं मिलता। आज जिन लोगों को नाजायज कब्जों के कारण बेदखल कर के सड़कों पर कीचड़ में जीवन जीने के लिए विवश किया जा रहा है, ऐसा कदापि नहीं होना था, क्योंकि यदि मूल निवासी लोगों की सरकार बन जाती और ये मूल निवासियों की सरकार इन नाजायज कब्जा धारियों को मालिकाना हक दे देती, जिस से ये लोग आज बर्बादी के कगार पर ना पहुंचते।

भारत के मूलनिवासी, भारत के मूलनिवासी शासकों की ही मूर्खता के कारण आज तक पंद्रह प्रतिशत युरेशियन के गुलाम है। इन मूर्खों को इकठ्ठा करने के लिए साहिब काशीराम जी ने अपना सारा जीवन लगा दिया मगर इन मूल निवासी अहंकारी, स्वार्थी शासकों ने उन की एक नहीं सुनी, जिस के कारण आज भारत की 85% मूलनिवासी जनता गुलामी की जिंदगी जीने के लिए विवश है। भारतवर्ष में नाजायज कब्जे तो सभी जातियों के लोगों ने किए हैं, बड़े-बड़े गुंडों और उद्योगपतियों ने गरीबों की जमीन छीन कर के बड़े बड़े उद्योग लगा लिए हैं मगर उन के खिलाफ किसी भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने कोई बुलडोजर नहीं चलाया। उत्तर प्रदेश में उन लोगों के घरों पर बुलडोजर चल रहे हैं जो अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति और मुसलमानों के हैं, यदि उन की संपत्ति को बर्बाद किया जा रहा है, तो वह भी भारत का ही नुकसान किया जा रहा है। यह धरती खाली कर के किसी काम की नहीं होगी, यदि इस धरती का सदुपयोग कर के, कोई इस का लाभ उठाता है, तो भारत अमीर हो सकता है, मगर मनुवादियों की सरकारें गरीबों को अच्छा खाते पीते नहीं देख सकती हैं और भारत की धरती को बंजर भूमि बना कर, बेकार रख कर के उनको लाचार बना कर के, राष्ट्रीय नुकसान किया जा रहा है। ताकि ये लोग मनुवादियों की सेवा करते रहें और भारत के मूलनिवासी अपने पांव पर खड़ा ही ना सकें। मूल निवासी और अल्प संख्यक दिन रात कड़ी मेहनत, मजदूरी कर के जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जिन का खून चूसने के लिए अब बारह घंटे काम लेने का फरमान जारी किया जा रहा है। इसलिए आज मूलनिवासी राजनेताओं को एक मंच पर इकट्ठा हो कर के बहुजन मुक्ति पार्टी के साथ मिल जाना चाहिए, ताकि बहुजन मुक्ति पार्टी की सरकार बन सके और मनुवादियों के साथ चलने वाले, मनुवादियोंं को समर्थन देने वाले स्वार्थी दलालों का भी अंत हो सके और सभी जातियों के लाचार, गरीबों को भी भरपेट खाना मिल सके।

राम सिंह आदवंशी।

महासचिव।

बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश।


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