भारत के विक्रेता चौकीदार
मेरे 85% मूल निवासियो,
सोहम, जय गुरुदेव!
आप सभी को मालूम ही है कि सन 1914 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री के उम्मीदवार मिस्टर नरेंद्र मोदी अपने चुनावी अभियान के दौरान भाषणों में यह छाती ठोक कर कहते थे कि मेरी छप्पन इंच की छाती है, इसलिए मैं देश को बिकने नहीं दूंगा, मैं देश के खजाने के ऊपर इमानदारी से चौकीदारी करूंगा मगर इस व्यक्ति ने जो कुछ कहा था, उस से हम सभी प्रभावित हुए थे, इस के महाउपद्रव, महाझूठ को सुन कर आकर्षित हुए थे और इस महाझूठ बोलने वाले व्यक्ति के ऊपर भारतीयों ने पूर्ण विश्वास किया था। लोगों ने भारतीय जनता पार्टी को जीता दिया मगर जैसे ही ये व्यक्ति प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठा, त्यों ही इस व्यक्ति ने अपना गिरगिट की तरह रंग बदलना शुरू कर दिया। इस व्यक्ति ने जो जो वादे किए थे, उन सभी के विपरीत काम करना शुरू कर दिया।
पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, उच्च शिक्षा प्राप्त विद्वान शिक्षा मंत्री मनोहर लाल जोशी जैसे बड़े-बड़े बरिष्ठ नेताओं को खुड्डे लाइन लगाना शुरू कर दिया, बड़े बड़े योग्य और बुद्धिमान लोगों को मिट्टी में मिला दिया, भारत का चौकीदार बनते ही अपने झूठ का पर्दा हटाने के लिए, देश के साथ गद्दारी कर के देश के सारे खजाने की चोरी खुद कराता हुआ, देश के सरकारी सेक्टर को धड़ाधड़ करोड़ों की सम्पति को कौड़ियों के भाव नीलाम करता ही गया और सरकारी कर्मचारियों को सड़कों पर खड़ा करता गया। जो गरीब छोटी छोटी कंपनियों में मेहनत मजदूरी कर के अपना और अपने वच्चों का पेट भरते थे, उन दस लाख कंपनियों को तत्काल बंद कर के उन सभी को सड़कों के ऊपर खड़ा कर दिया और नंगे भूखे मरने के लिए उन को और उन के परिवारों को तड़पता हुआ छोड़ता ही गया। ईमानदार चौकीदार ने भारतवर्ष की रीड की हड्डी रेलवे के कुछ भाग को 1.5 लाख करोड़ में बेच दिया। 1.6 लाख करोड़ में रोजबेज को बेच डाला। कौड़ियों के भाव में 2800 लाख करोड़ की सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को मात्र 210 करोड़ में बेच कर 11100 कर्मचारियों को बेकार कर के उन के घरों में चूल्हा जलना बंद कर दिया, इस के साथ गेल पाइप लाइन, पेट्रोलियम पाइप लाइन, बी एस एन एल, एमटीएनएल, वेयरहाउसिंग को नीलाम किया गया है, जिस से 8 लाख करोड़ रुपए इकट्ठा किया गया, जिस के बारे में योग्य चौकीदार ने किसी को नहीं बताया कि यह आठ लाख रुपए करोड़ कहां चला गया? एयर इंडिया, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट इंडिया लिमिटेड, पवन हंस, बीएनआर प्रोजेक्ट एंड डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड, सीमेंट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड, इंडियन मेडिसन एंड फार्मास्यूटिकल, सलेम इंडिया प्लांट, फेरो स्क्रेप निगम लिमिटेड, छत्तीसगढ़ का नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण भी किया जा रहा है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड, एच एल एल लाइफ केयर, भारत पेट्रोलियम, शिपिंग कारपोरेशन, कंटेनर कारपोरेशन ऑफ इंडिया, नीलांचल इस्पात लिमिटेड, हिंदुस्तान प्रीफैब लिमिटेड भी चौकीदार की हिट लिस्ट में शामिल हो गए हैं। यही नहीं भारत पंप और कंप्रेसर एंटी बायोटिक्स, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट, कर्नाटक एंट्रीबायोटिकस, स्कूटर इंडिया की भी बलि दी जा चुकी है।
साथियो सरकारी सेक्टर क्यों भेजा जा रहा है? क्या आप इस के बारे में जानते हैं? नहीं जानते हैं, तो समझ लो, कि सरकारी सेक्टर में सरकार को अनुसूचित जाति, जनजाति और ओबीसी को सरकारी नौकरी देनी ही पड़ती थी, जिन को बेकार, लाचार और भुखमरी के कगार पर ला कर खड़ा करना ही आप पार्टी, कांग्रेस और भाजपा की आंतरिक सोच है, जिस के द्वारा कांग्रेस के नरसिंहा राव ने ही सब से पहले देश को बेचने का काम शुरू किया था, उसी के भरोसे, उसी के विश्वास पर अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जाति और अल्पसंख्यकों के कट्टर दुश्मन आर एस एस की राजनीतिक पार्टी "भारतीय जनता पार्टी" ने तो देश को बेचने के सारे रिकॉर्ड तोड़ कर गरीबों को भूखे मरने के लिए चौराहों पर खड़ा कर दिया है। इस पार्टी का सब से बड़ा आई कान अटल बिहारी बाजपेई था, जिस ने भाजपा सरकार बनते ही सरकारी सेक्टर को बेच कर लाखों लोगों को सड़कों पर बेकार कर के भूखे मरने के लिए विवश कर दिया था मगर जिस प्रकार आप ने धोखे से भाजपा को वोट दे कर के केंद्र की भाजपा सरकार स्थापित की है, त्यों ही आप के गले के ऊपर प्राइवेटाइजेशन की तलवार लटका दी गई और आप मूलनिवासी लोगों को बड़ी निर्दयता के साथ अंधाधुंध रोजगार खत्म कर के भूखे मरने के लिए बेकार किया जा रहा है। जहां सरकार को जनता के लिए रोजगार का प्रबंध करना चाहिए था, वहां पर सरकार जनता को बेरोजगार करने के लिए धड़ाधड़ नौकरियां खत्म करने के लिए कल कारखानों को बंद करती जा रही है, जिस से सभी जातियों के गरीबों का जीना मुश्किल होता जा रहा है।
यदि गरीब ब्राह्मण, राजपूत और खत्री भी सुख चैन और ऐश्वर्याशाली जीवन जीना चाहते हैं, तो आप भी गरीब अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ी जातियों और अल्प संख्यकों के साथ मिल कर बहुजन मुक्ति पार्टी के संयुक्त मोर्चे को जिताने का प्रयास करें, ताकि जिन लोगों को नरेगा में मुफ्त का पैसा और गला सड़ा राशन, बीमारी का सामान सरसों का तेल दिया जा रहा है, उसे बन्द कर के सभी बीपीएल कार्ड धारकों के परिवारों को हम पक्की सरकारी नौकरी दे कर के, उन की गरीबी मिटाने का पक्का इलाज करेंगे। सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक घर से एक व्यक्ति को नौकरी अवश्य दी जाए। धरती का दोहन करने के लिए अनेकों योजनाएं बनाई जाएंगी। यदि सभी को नौकरी नहीं दी जा सकी, तो नये शहर बसा कर के उन को रोजी-रोटी कमाने के साधन अवश्य उपलब्ध करवाए जाएंगे, अबारा पशुओं को जंगलों में फेंसिंग करवा कर रखा जाएगा और गुंडाराज खत्म कर दिया जाएगा। निजीकरण खत्म कर के जनता को शोषण से बचाया जाएगा। सभी कर्मचारियों को 8 घंटे ड्यूटी के सिवाय और कोई कार्य नहीं लिया जाएगा। शिक्षा के गिरते हुए स्तर को तत्काल सुधारा जाएगा, मुफ्तखोरी बन्द कर के लोगों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए उपाय किये जाएंगे, इसलिए आप सभी गरीब आगामी चुनावों में बहुजन मुक्ति पार्टी को सशक्त बना कर बीएमपी संयुक्त गठबंधन की सरकार बनाने का प्रयास करें, तभी आप का जीवन सुखमय और सफल हो पाएगा।
रामसिंह आदवंशी।
महासचिव,
बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश।
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