गुरु रविदास जी महाराज का मुक्ति सन्देश मन्त्र।।
।।गुरु रविदास जी महाराज का मुक्ति सन्देश मन्त्र।। गुरु रविदास जी महाराज ने, विश्व को केवल नाम मात्र के उपदेश ही नही दिए हैं, धोती तिलक, जप माला केस बढ़ा कर, गेरुए वस्त्र पहन कर, कमंडल हाथ मेँ ले कर, भ्रमण नहीं किया। घर घर अलख नहीं जगाया, खप्पर ले कर भीख नहीं मांगी, हाथ की रेखाएं देख कर लोगों को सच झूठ कह कर, नहीं लूटा, उलटी सीधी भविष्यवाणी कर के सँगत का धन नहीं ठगा। उन्होंने जगह जगह जा कर, अपना आश्रय स्थल बना कर, एक ही जगह पर महीनों रुक कर, सँगत को क्रान्ति के पथ पर चल कर, राजनैतिक क्रान्ति का आह्वान किया, धार्मिक क्रान्ति के लिए, राम नाम का सिमरन सिखाया, पांच हजार वर्षों की भटकी हुई, भक्ति भावना को जिंदा किया, ब्राह्मणों के आतंकवाद को नेशतनाबूद किया, जनता को आडंबरों और ढोंगों से अवगत कराया, भक्ति करना सब का जन्मसिद्ध अधिकार बताया, जो जो काँटे रास्ते रोके हुए थे, उन्हें काट कर, रास्ता साफ कर के आगे बढ़ना सिखाया, धर्म के रास्ते में आने वाली अड़चनों को हटाने के लिए, धर्म के लिये मर मिटने का संदेश दिया, कॉयर, भीरू बनने से बेहतर है, कि धर्म की रक्षा करते, करते शहीद हो जाएं। जीवन को श्रेष्ठ बन...