।।गुरु रविदास महाराज बेताज चक्रबर्ती सम्राट।।
।। गुरु रविदास बेताज चक्रवर्ती विश्व सम्राट।। गुरु रविदास जी महाराज, चँवरवंशी सम्राट चँवरसेन के अमीर राजपरिवार में अवतरित हुए थे, जिनका इतिहास, सुशासन की अदभुत मिसाल थी, यही ऐसा राजवँश हुआ, जिसका इतिहास, खून खराबे से लथपथ नहीं हुआ था, इसी वंश ने विश्वबंधुता के सिद्धांतों के अनुसार शासन किया है। इनकी अमन, शांतप्रिय शासन पद्वतियों का युरेशयन लुटेरों ने, अनुचित लाभ उठाया जिससे मूलनिवासी, आज गुलामी की जिंदगी जीते आ रहे। सत्पुरुष हमेशा सत्यप्रिय वंशों में ही अवतरित होते हैं, इसी कड़ी में चँवर वंश में, युरेशयन, तुर्कों, हूणों, डचों, फ्रेंचों, मंगोलों, मुस्लिमों और अंग्रेजों के कुशासन से निजात दिलाने केलिये, शान्ति के मार्ग पर चलने वाले क्रांतिकारी, राजनेता, धार्मिक क्रान्ति के अग्रदूत, सामाजिक परिवर्तन के समाज सुधारक, मूलनिवासी संस्कृति को पुनर्जीवित करने वाले महापुरुष, गुरु रविदास जी ने बनारस की पवित्र धरती पर, सम्मत 1433 में अवतार लिया था। जब से युरेशयन लुटेरों ने भारत भूमि पर पदार्पण किया है, तब से ही भारत भूमि खून से नहाती आ रही है, विदेशी लुटेरों के आगमन का केंद्र बनी हुई है, जितने लु...