23जनवरी।। 1937 के चुनाव में आरक्षित सीटों से बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए विधायक।।
1937 के चुनाव में आरक्षित सीटों से बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए विधायक।
बंगाल में 285 विधानसभा सीटों का सृजन किया गया, जिन में तीस विधान सभा सीटें साहिबे कलाम मंगूराम मुगोवालिया और स्वामी अछूतानंद जी महाराज के अथक प्रयासों से आरक्षित की गई थी, जिन पर केवल और केवल अछूत जातियों के लोग ही चुनाव लड़ सके थे, इसी कारण तीस अछूत विधायक चुनें गए थे, जिन में निम्नलिखित मान्यवरों ने जीत हासिल कर के बंगाल की पहली विधानसभा में प्रवेश किया था---
1 वर्धमान सेंट्रल:--- ये सीट अद्वेता कुमार मांझी ने 526 रुपये खर्च कर के जीती थी, उन के साथ दूसरे मोहितोश साहा ने 929 रुपये, तीसरे अरविंदा साह ने 32 रुपये, खर्च कर के चुनाव हारा था मगर तीसरे अमरेंद्र नाथ शाह ने 10 रुपये खर्च कर के नाम वापस ले लिया था, पांचवें उम्मीदवार कृष्णा चंद्र मंडल ने भी केवल 10 खर्च कर के सीट हारी थी।
2 बर्धवान नॉर्थवेस्ट:--बांकु बिहारी मंडल ने, विधानसभा वर्धमान नॉर्थ वेस्ट से 284 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। सुखदेव 559 रुपये और हरिहर दास 911 रुपये खर्च कर के हार गए थे।
3 वीरहूंम:---देवेंद्र नाथ दास, आशुतोष मलिक, वीरहूंम सीट से 2668 रुपये खर्च कर के चुनाव जीते थे और धन कृष्णा शाह 171 रुपये, सत्यनारायण प्रमाणिक 85 रुपये, अतुल कृष्णा राय जीरो रुपये खर्च करके चुनाव हार गए थे।
4 बांकुरा बेस्ट:--- आशुतोष मलिक 200 रुपये खर्च के विजयी घोषित किए गए थे और बाँकू राम बेहर मंडल दो रुपये, जुगल मंडल 56 रुपये खर्च कर के हार चुनाव हार गए थे।
5 मिदनापर सैंटरल:--कृष्ण प्रसाद मंडल मिदना पुर सेंट्रल से 1223 खर्च कर के चुनाव जीते थे। प्रबोध चंद्र प्रमाणिक ने 11 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
6 झारग्राम चमघाटल:--- हरेंद्र डॉल्वी ने 42 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और प्रकाश चंद्र साहा ने 204 रुपये, प्रोकाश चंद्र शाह ने 141 रुपये खर्च करके चुनाव हारा था।
7 हुगली नॉर्थ ईस्ट:--- हुगली नॉर्थईस्ट विधान सभा सीट से राधानाथ दास ने 848 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और ए एन शाह ने 534 रुपये, प्रसन्ना कुमारदास ने 884 रुपये, अरविंदा शाह ने चार रुपये, अमूल्य चरण नाशकर ने 8 रुपये, मोनी कुमार दास ने जीरो रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
8 हावड़ा:--- हावड़ा चुनाव क्षेत्र से पुलिन बेहरी मलिक ने 457 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था, कृष्ण चंद्र विश्वास ने 77 रुपये, शक्ति सुधान साह ने 658 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
9 परगना साउथ ईस्ट:--परगना साउथ से हेम चंद्र नासकर ने 1222 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और भासभूसिन ने 75 रुपये खर्च कर के चुनाव हार दिया था।
10 परगना नॉर्थ वेस्ट:---परगना नॉर्थ वेस्ट विधानसभा सीट से अनुकूल चन्द्रा दास ने 781 रुपये चुनाव पर खर्च कर के चुनाब जीता था और प्रमोद कुमार साह ने 1323 रुपये, आनंद प्रसाद नाशकर, वसंत कुमार लाल और सुरेंद्र चंद्र राय ने जीरो खर्च करके चुनाव हारा था।
11 नादिया:--- नादिया विधानसभा सीट से लक्ष्मीनारायण विश्वास ने 775 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और कन्हैया लाल विश्वास ने 730 रुपये, रूमानी मोहन विश्वास ने 112 रुपये, मनोरंजन दास ने 396 खर्च कर के चुनाब हारा था।
12 मुर्शिदाबाद:--- मुर्शिदाबाद सीट से कीर्ति भूषण दास ने 172 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और कुनाई लाल विश्वास ने 6 रुपए, विधुभूषण मंडल ने 172 रुपये, फकीर चंद्र हलदर ने 34 खर्च कर के चुनाव हारे थे।
13 जस्सोर:-- जस्सोर विधानसभा सीट से रसिकलाल विश्वास ने 1630 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था और अमूल्यधन राय ने 619 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
14 खुलना:--खुलना विधानसभा सीट से मुकुंदा बेहरी मलिक ने 1194 खर्च कर के चुनाव जीता था। मनमथा रंजन टैगोर ने 519 रुपये नित्यानंद विश्वास ने 420 रुपये, प्रीतम राय ने 1389 रुपये, राजेंद्र नाथ सरकार ने 25 रुपये, रसिक लाल विश्वास 301 रुपये और आधार चंद्र विश्वास 6 रुपए खर्च कर के हारे थे।
16 मालदा:--- मालदा:--- सीट से तरीनी चंद्र प्रमाणिक 283 रुपये खर्च कर के चुनाव जीते थे
17 दिनाजपुर:--- दिनाजपुर सीट प्रेम हरि ब्रमा ने केवल मात्र 3 रुपये खर्च करके जीती थी।
18 श्यामा प्रसाद बर्मन केवल 13 रुपये खर्च कर के जीते थे।
19 जलपायगुड़ी:-- जलपायगुड़ी से उपेंद्र नाथ वर्मा 518 रुपये खर्च कर के चुनाव जीते थे। मोहिनी मोहन बर्मन 252 रुपये, उपेंद्र नाथ दास 82 रुपये, मधुसूदन राय 269 रुपये खर्च कर के चुनाव हार गए थे।
20 रायकोट:---रायकोट से प्रसन्ना देवराय 3198 रुपये खर्च कर के चुनाव जीत गए थे। सरोजेंद्र देव रायकूट 288 रुपये, बिरेंद्रनाथ राय सरकार 627 रुपये, मुकुंदा मोहन सरकार 99 रुपये खर्च करके हार गए थे।
21 रंगपुर:--- रंगपुर विधानसभा सीट से रसपा जीत बर्मा 293 रुपये खर्च कर के चुनाव जीते थे। नगेंद्र नारायण राय 335 रुपये, बीनोए भूषण 342 रुपये, कशेतरा नाथ सिंघा 531रुपये खर्च करके चुनाव हार गए थे।
22 बोगरा कम पवना:--- बोगरा कम पवना से मधुसूदन सरकार 10 रुपये खर्च कर के चुनाव जीते थे। विदर सूदन चंद्र सरकार ने 56 रुपये खर्च कर के नाम वापस ले लिया था। हरेन चंद्र बर्मन ने 113 रुपये, रमानी मोहन दास ने 354 रुपये, ब्रज नाथ दास ने 581 रुपये खर्च कर के चुनाव हार दिया था।
23 ढाका ईस्ट:--- ढाका ईष्ट से धनंजय राय ने 879 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। रजनीकांता दास ने 233 रुपये, महादेव मंडल ने 252 रुपये, गुर्जर डॉक्टर मोहिनी मोहन दास ने 1080 रुपये, बृजेंद्र कुमार दास ने 209 रुपये, सीतानाथ विश्वास दास ने 324 रुपये, राय सत्येंद्र कुमार दास बहादुर ने 250 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
24 मीमेमो सिंह बेस्ट:--- अमृतलाल मंडल ने 766 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। देवेंद्रनाथ दास ने 240 रुपये, राम रतन वर्मा ने 359 रुपये खर्च क रके चुनाव हारा था।
25 मेमेन सिंह ईस्ट:--- इस सीट से मनमोहन दास ने 179 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। द्वारकानाथ मल्ला बर्मन ने 206 रुपये, जोगिंदर चंद्र दास ने 281 रुपये, राज मोहन दास ने 749 रुपये, खर्च करके चुनाव हारा था।
26 फरीदपुर:--- फरीदपुर सीट से विराट चंद्र मंडल ने केवल मात्र 711रुपये खर्च कर के निर्विरोध चुनाव जीता था।
27 प्रमाथा रंजन ठाकुर ने 1484 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। सुरेंद्र चंद्र मजूमदार ने 50 रुपये, अविनाश चंद्र राय चौधरी ने 141 रुपये, राय सरत चंद्र बाल ने 3549 रुपये, विश्वेश्वर विश्वास ने 1681रुपये, सुरेश चंद्र विश्वास ने 309 रुपये, जजनेश्वर मंडल ने 260 रुपये, जोगेश चंद्र सरकार ने 371 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
28 बकार गंज साउथ वेस्ट :---उपेंद्र नाथ ने इडर ने 509 रुपये खर्च कर के चुनाव जीता था। रोहिणी कुमार सरकार ने 675 रुपये, ललित कुमार वल ने 1040 रुपये, राय साहेब जामिनी कांता राय ने 254 रुपए खर्च कर के चुनाव हारे थे।
29 टिप्पेरा :--- जगत चन्द्र चंद्र मंडल ने 919 रुपए खर्च करके चुनाव जीता था। हरेंद्र चंद्र बर्मन ने 679 रुपये, जोगिंदर चंद्र दास ने 119 रुपये, गंगाचरण पोद्दार ने 81रुपये, अश्विनी कुमार विश्वास ने दो रुपये, गिरीशचंद्र भोमिक ने 130 रुपये खर्च कर के चुनाव हारा था।
30 पति राम राय ने भी निर्विरोध चुनाव जीता था।
ये सभी मान्यवर केवल अपने बलबूते पर केवल अछूतों के लिए आरक्षित सीटों से विधायक चुने गए थे, जिन्होंने निडर होकर के मनुवाद का मुकाबला करते हुए मूलनिवासियों के अधिकारों की रक्षा की थी परंतु आज आरक्षित सीटों से जीतने वाले विधायक और सांसद मनुवादियों के गुलाम बनकर के राजनीति कर रहे हैं और 85% मूलनिवासी गरीबों की हड्डियों के ऊपर अपनी रोटियां सेंक कर के केवल अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं, इसलिए भारत के सभी मूलनिवासी संगठनों को इकट्ठा हो कर के केवल अपने ही मूलनिवासी अपने दम पर सांसद और विधायक जिताने पड़ेंगे, तभी मनुवादियों के दल्ले और दलाल घर में बैठेंगे।
रामसिंह आदवंशी।
महासचिव,
वहुजन मुक्ति पार्टी, हिमाचल प्रदेश।
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