19 जनवरी।। 1937 के चुनाव में पंजाब विधानसभा के विधायक।।
पंजाब में आदि धर्म मंडल के विजयी विधायक
सन 1937 में भारतवर्ष में पहला विधानसभा चुनाव संपन्न हुआ जिसमें 1585 विधानसभाओं के लिए चुनाव सम्पन्न हुए थे, जिन में से 151 विधानसभा सीटें आरक्षित की गई थी, जिन में केवल उन्हीं लोगों को आरक्षण दिया गया था, जो केवल अछूत थे अर्थात मनुवादी उस समय जिन लोगों को स्पर्श नहीं करते थे, जिन को अस्पृश्य समझते थे, उन्हीं लोगों को अंग्रेज सरकार ने आरक्षण की व्यवस्था कर के विधानसभाओं में प्रतिनिधित्व दिया था। ये विधायक निडर हो कर अछूत जातियों की समस्याओं को विधानसभा में बड़ी विनम्रता और निडरता के साथ प्रस्तुत किया करते थे, इस का मुख्य कारण यही था, कि ये लोग मनुवादी दलों के गुलाम नहीं थे और शासक वर्ग भी अंग्रेज था। पंजाब आदि धर्म मंडल के अध्यक्ष साहिबे कलाम गद्दरी बाबा मंगू राम मुगोवालिया जी के नेतृत्व में पंजाब आदि धर्म मंडल ने विधानसभा का चुनाव लड़ाया था, जिस में पंजाब केई आठ सुरक्षित सीटों से केवल और केवल आदि धर्म मंडल के ही आठ विधायक चुने गए थे। जिन में एक आजाद विधायक शामिल हो गया था और इस प्रकार 1937 की पंजाब विधान सभा असेंबली में आदि धर्म मंडल के नौ विधायक हो गए थे, इन आठ विधायकों में निम्नलिखित थे एक
1 चौधरी प्रेम सिंह कांट्रेक्टर हिदायतपुर छावनी गुडगांव केवल आठ रुपये खर्च करके निर्विरोध विधायक चुने गए थे।
2 फकीर चांद चौधरी करनाल जी ने करनाल उत्तर चुनाव क्षेत्र से चुनाव जीता था। उन्होंने 3318 वोट प्राप्त करके विजय हासिल की थी और चुनाव के ऊपर 799 रुपए खर्च किए थे, उन्हें 1997 के चुनावों में सुंदरलाल जी ने हराया था।
3 हरनाम दास लाला टीचर डिस्ट्रिक्ट बोर्ड स्कूल चक नंबर 196 आर बी, इस्लामाबाद, डिस्ट्रिक्ट लायलपुर ने लायलपुर झांग में 2903 वोट प्राप्त कर के विधान सभा सीट जीती थी। इन्होंने 596 रुपये चुनाव में खर्च किये थे।
4 सेठ किशन दास गांव व डाकखाना खांबरा जालंधर ने मास्टर गुरबंता सिंह को हराया था। किशन दास जी ने 13125 वोट प्राप्त किये थे और केवल 1691 रुपये चुनाव पर खर्च किया था।
5 जुगल किशोर माजरी चमारां, डाकखाना जगाधरी अंबाला और शिमला के चुनाव क्षेत्र से चुनाव जीता था। उन्होंने 5237 वोट प्राप्त किए थे और 163 रुपये चुनाव पर खर्च किये थे।
6 भगत हंसराज बीए, एल एल बी, एडवोकेट अमृतसर और सियालकोट शहर भी आठ रुपये खर्च कर के निर्विरोध चुनाव जीते थे।
7 सरदार गोपाल सिंह खालसा अमेरिकन मर्चेंट गाँव लील, डाकखाना पखोवाल लुधियाना और फिरोजपुर के चुनाव क्षेत्रों से चुनाव जीता था। वे पार्लियामेंट्री सचिव भी बनाए गए थे। उन को 7258 वोट मिले थे और 1234 रुपए चुनावों पर खर्च किया था। 1937-1938 में वे पंजाब के मंत्री भी रहे।
8 मूला सिंह, गाँव व डाकखाना बालाचौर, गढ़ शंकर से चुनाव जीत कर पंजाब विधानसभा में पहुंचे थे।
पंजाब का मंत्री मण्डल।
मुख्यमन्त्री:----सिकंदर हयात खान पंजाब।
माल मंत्री:-----सुंदर सिंह मजीठिया।
विकास मंत्री:--सर छोटूराम।
खजाना मंत्री:----मनोहर लाल।आदई
पब्लिक बर्कस मंत्री:--- खिजर हयात टिबाना।
विद्या मंत्री:----अब्दुल हयात।
रामसिंह आदवंशी।
महासचिव,
वहुजन मुक्ति पार्टी, हिमाचल प्रदेश।
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