लेखक प्रेम दास जस्सल की पत्नी आशा राणी को श्रद्धा सुमन।।
लेखक, संत प्रेम दास जस्सल की पत्नी आशा राणी को श्रद्धाञ्जलि।।
15 दिसंबर 2022 को गुरु रविदास महाराज जी के अनन्य सेवक संत, मनीषी, लेखक श्री प्रेम दास जस्सल जनक पुरी दिल्ली की अर्धांगिनी के मोक्ष प्राप्त करने पर शक्तिनगर, मोहन गार्डन जनकपुरी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिस में गुरु रविदास जी महाराज की वाणी का सस्वर वाचन कर के पाठियों ने अपने शब्द कीर्तन के द्वारा आत्मा और परमात्मा के विषय में गुरु जी रविदास जी महाराज के बताए हुए सत्य के ऊपर प्रकाश डाला। उस के उपरांत स्वर्गीय आशा रानी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए राम सिंह आदवंशी, अध्यक्ष विश्व आदधर्म मंडल ने स्वर्गीय आशा रानी जी के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, कि आशा रानी जी अत्यंत सुशीला और आदर्श महिला हुई है, जिन के मणिकांचन योग, सहयोग के कारण ही संत, लेखक प्रेमदास जस्सल जी ने गुरु रविदास जी महाराज के जीवन चरित्र और उन के कार्यों और क्रांतिकारी आंदोलन को लेखनी बद्ध कर के जन जन तक पहुंचाने का प्रयास किया है। यह काम तभी संभव हो सकता है, जब लेखक का परिवार उस को पूर्ण सहयोग और वातावरण उपलब्ध करवाएं, इसलिए स्वर्गीय आशा रानी जी के तप और तपस्या का आभास होता है, जिस से प्रेम दास जी अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सके, इसीलिए वे भी एक तपस्विनी और आदर्श महिला हुई है, जिन को मैं विश्व आद मंडल और हिमाचल प्रदेश के गुरु रविदास जी महाराज के सेवकों की तरफ से श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं, कि वे संत श्री प्रेमदास जस्सल जी को आशा रानी के सदमे को सहन करने की हिम्मत प्रदान करें।
श्री अमरजीत गुरु निवासी इंग्लैंड ने विशेष रुप से दिल्ली में पधार कर स्वर्गीय आशा रानी जी के भोग में शामिल हो कर के पीड़ित परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त करते हुए कहा, कि आद पुरुष के आदेश के अनुसार सभी प्राणियों को देह विसर्जन करना ही पड़ता है, उसी कड़ी में तपस्विनी, साध्वी आशा रानी जी को भी देह विसर्जन करना पड़ा है, जिस के कारण उन का परिवार शोक ग्रस्त है। हम इस दुख की घड़ी में लेखक एवं संत प्रेमदास जी के साथ दुख सांझा करते हुए उन से आशा करते हैं, कि वे इस दुख को सहन करने के लिए हिम्मत रखें। स्वर्गीय आशा रानी जी को भी गुरु रविदास जी महाराज अपने पवित्र चरणों कमलों में सम्मानजनक स्थान उपलब्ध करवाएं, ऐसी मैं गुरु रविदास जी महाराज से प्रार्थना करता हूँ। वे भी अपने परम साधकों, भक्तों की पूर्ण देखभाल करते हैं। वे संतप्त परिवार को पूर्ण सांत्वना दे कर के इस दुख से उभारेंगे। श्री अमरजीत गुरु ने कहा, कि गुरु रविदास जी महाराज गुरुओं के गुरु, संतों में शिरोमणि संत हुए हैं, इसलिए गुरु रविदास जी महाराज के बराबर कोई दुनिया में साधु, संत और फकीर नहीं हुआ है और ना ही कभी होगा, इसलिए आप सभी गुरु रविदास जी महाराज की क्रांतिकारी विचारधारा को अपना कर, उन के बताए हुए रास्ते पर चल कर अपना जीवन सफल बनाने का प्रयत्न करें। भाग्य पर विश्वास करने की अपेक्षा कर्म करें।
श्री एफ सी मल जी ने भी आशा रानी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि आशा रानी जी एक आदर्श महिला हुई हैं, जिन के कारण ही श्री प्रेम दास जस्सल जी गुरु रविदास महाराज की विचारधारा को कलम बंद कर सके हैं।
संत श्री बनारसी दास जी ने भी आशा रानी जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा, कि श्री मती आशा रानी जी एक संत एव्ं साध्वी हुई हैं, एक आदर्श पत्नी, आदर्श माता, आदर्श महिला हुई हैं, जिन के कारण आज शक्तिनगर के गुरु रविदास मंदिर में निरंतर प्रवचन चलता है, वे यहां निरंतर आ कर पूजा पाठ किया करती थी।
अंत में संत एवं लेखक प्रेमदास जस्सल ने रुँधे और भरे हुए मन से आए हुए सारे भारत और अन्य देशों से उपस्थित महापुरुषों का श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित होने के लिए धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
रामसिंह आदवंशी।
अध्यक्ष,
विश्व आदमंडल, हिमाचल प्रदेश।
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