अधूरे सफर की पूरी कहानी।

 मेरे 85% मूलनिवासी साथियो,

सोहम, जय गुरुदेव! 

भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दास मोदी लगभग 100 देशों का सैर सपाटा कर के,भारत के इतिहास की विश्व को विस्तार से जानकारी दे आए हैं। भारत के नाम को चार चांद लगाने वाले ये भारत के पहले प्रधानमंत्री सिद्ध हुए हैं। इस से पूर्व जितने भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री हुए हैं, उन का ज्ञान इस विद्वान प्रधानमंत्री से बहुत पीछे रहा है, जिस जिस इतिहास की उन्होंने खोज की है, वह अत्यंत सराहनीय है। ऐसा इतिहास बनाने वाले मोदी जी का कोई सानी नहीं है। 

अमेरिका के दौरे पर जा कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा, कि कोणार्क का सूर्य मंदिर 2000 साल पुराना है, जब कि यह मंदिर केवल 700 साल पुराना है। उस के बाद नवंबर 2003 में विश्व गुरु मोदी जी अपने वक्तव्य में, मोहन लाल करमचंद गांधी कहा, जब कि गांधी का असली नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। वर्ष 2013 में बिहार के पटना में एक रैली हुई थी, जिस में मोदी ने बिहार की अपार शक्ति का वर्णन करते हुए कहा था, कि सम्राट अशोक, पाटलिपुत्र, नालंदा और तक्षशिला, बिहार की सम्पदा है, जब कि सत्य यह है कि तक्षशिला पंजाब का एक हिस्सा था, जो अब पाकिस्तान में चला गया है। जुलाई 2003 में नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद में कहा था, कि स्वतंत्रता के समय डॉलर की कीमत केवल एक रुपए के बराबर थी, जब कि उस समय एक रुपए की कीमत 30 सेंट के बराबर थी और उस समय एक रुपया एक पौंउड के बराबर था, यहीं पर उन्होंने यह भी कहा था, कि अहमदाबाद नगर पालिका में महिलाओं के आरक्षण का प्रस्ताव सब से पहले सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1919 में रखा था, जब कि 15 वर्षों तक मोदी महाराज गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और यह नहीं जानते हैं, कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने यह प्रस्ताव 1926 में प्रस्तुत किया था। 

फरवरी 2014 में भारत के परम पूज्य, योग्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में कहा, कि कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता की पहली लड़ाई को कम कर के आँका था, जब कि सत्य यह है कि मेरठ में 1857 की क्रांति आरंभ हुई थी और कांग्रेस की स्थापना अट्ठारह सौ पचासी में हुई थी, उस समय कांग्रेस का भारत में कोई भी किसी भी प्रकार का अस्तित्व और नामोनिशान नहीं था। नवंबर 2003 में बैंगलोर में नरेंद्र मोदी ने यह बताया था, कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री का भाषण लाल दरवाजे से हुआ करता था, जब कि प्रधानमंत्री हमेशा लाल किले से ही भाषण देते आए हैं, ना कि किसी नीले लाल दरवाजे से भाषण देते थे। 2003 में नरेंद्र मोदी ने मुंबई में कहा था, कि वर्ष 1960 से महाराष्ट्र में छबीस मुख्यमंत्री हुए हैं, जब कि वास्तविकता यह है कि 2003 तक मुंबई में केवल सतारह नेताओं ने 26 बार मुख्यमंत्री बनने की शपथ ली थी। दिसंबर 2013 में नरेंद्र मोदी ने जम्मू में एक रैली के दौरान यह कहा था, कि मेजर सोमनाथ शर्मा को महावीर चक्कर मिला था और ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह को परमवीर चक्र मिला था, जब कि सच्चाई यह है, कि मेजर सोम नाथ शर्मा को परमवीर चक्र मिला था, राजेंद्र सिंह को महावीर चक्कर मिला था। नवंबर 2013 में खेड़ा में मोदी  श्यामजी कृष्ण वर्मा और श्यामा प्रसाद मुखर्जी में अंतर स्पष्ट नहीं कर सका था, जब कि सत्य यह है कि मोदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी को ही गुजरात का बेटा कह दिया था और यह भी कहा था कि उन्होंने लंदन में इंडिया हाउस का गठन किया था और उन की मौत 1930 में हो गई थी। वास्तव में मिस्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म कोलकाता में हुआ था और उनकी मृत्यु 1953 में हो गई थी। वास्तव में मोदी श्याम कृष्ण वर्मा की जगह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी ही कह गए थे। इसी तरह पटना की एक रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था, सिकंदर की सेना ने सारी दुनिया जीत ली थी परंतु जब उस ने बिहार के लोगों से पंगा लिया था, तो उस का क्या हश्र हुआ था, यहां आ कर के वह हार गया था, जब कि सच्चाई यह है कि सिकंदर की सेना ने कभी भी गंगा पार ही नहीं की थी। श्री मोदी ने अपना संक्षिप्त परिचय देते हुए बताया है, कि मैं ने बचपन में पहले चाय बेची थी, उस के बाद मगरमच्छ पकड़ा था, उस के बाद निरंतर 35 साल भीख मांग कर गुजारा किया। इतने लंबे चिरकाल के बाद पहले दिल्ली से एम ए पास किया और उस के बाद गुजरात से एम ए किया, फिर गुजरात से बी ए पास किया, उस के बाद आठवीं उतीर्ण कर के पढ़ाई छोड़ कर हिमालय पर्वत पर जा कर तपस्या की थी। 

मोदी की जी के ज्ञान से सारा विश्व ज्ञानी हो गया है और सचमुच अब भारत विश्व गुरु बन गया है, यदि 85% मूलनिवासियो आप अपना इतिहास बचाना चाहते हो, विश्व में अपनी इज्जत बचाना चाहते हो, गरीबी से छुटकारा पाना चाहते हो तो आप केवल अपनी 85% मूलनिवासी लोगों की सरकार बना कर सुशिक्षित, योग्य प्रधान मन्त्री बनाने के लिए वहुजन मुक्ति पार्टी को ही सत्ता में लाओ अन्यथा कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के योग्य नेता आप का इतिहास में नाम नहीं छोड़ेंगे। 

राम सिंह आदवंशी।

महासचिव,

बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश। 


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