मनुवादी राजनीतिक दलों के झूठे घोषणा पत्र
मेरे 85% मूलनिवासी साथियो,
सोहम, जय गुरुदेव!
चुनावी कुंभ 5 वर्ष बाद आता है:---चुनाबी कुंभ पांच वर्ष बाद आता है। इस पवित्र कुंभ में केवल मनुवादी ही स्नान करते थे मगर एक ऐसा मनीषी भारत भूमि पर अवतरित हुआ जिस ने अनुभव किया कि 85% वोट भारत के असली मूलनिवासियों के हैं और केवल मध्यएशिया और इजराइल से आ कर के 15% लोग राज कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने यह सोचा कि क्यों ना 85% मूलनिवासियों को एक मंच पर इकट्ठा किया जाए और उन की ही एक पार्टी बना कर भारत के असली मूलनिवासियों की ही सरकार क्यों ना बनाई जाए, जो गुरु रविदास जी महाराज के अधूरे कार्य को पूरा करने का ऐतिहासिक काम होगा।
समाजवाद की स्थापना:--- गुरु रविदास जी ने कहा था, कि:----
ऐसा चाहूँ राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट बड़ सभ सम वसै तां रविदास रहै प्रसन्न।गुरु रविदास जी के इसी लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए 1984 में साहब कांशीराम जी ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी, बिना खूनी क्रांति किये उन्होंने अल्प समय में ही उतर प्रदेश में वहुजन समाज पार्टी की सरकार बना कर, सारे विश्व को हैरत में डाल दिया था। उन्होंने विश्व को दिखा दिया, कि भारत के मूलनिवासी कितनी तीव्रता के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। साहिब कांशीराम जी ने सिद्ध कर दिया कि अमीर और गरीब को एक समान किया जा सकता है, बशर्ते शासन प्रशासन मूलनिवासी लोगों का ही हो। उन्होंने जितने भी चुनाव लड़ाए उन में जनता को लुभाने के लिए कोई भी बायदा नहीं किया। किसी से किसी प्रकार की कोई भी फ्राड कमिटमेंट नहीं की मगर जब सत्ता में आए तो उन्होंने वे आश्चर्य जनक काम करवाए हैं, जो चार हजार सालों से मनुवादी सरकारें नहीं कर सकी।
मनुवादी दलों के घोषणा पत्र:---- मनुवादी राजनीतिक पार्टियों ने हमेशा जनता को लुभाने और अपनी अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए झूठे घोषणा पत्र जारी किये हैं, परंतु पांच साल तक शासन करने के बाद भी कांग्रेस और बीजेपी ने कभी भी अपने वायदों को पूरा नहीं किया। बड़ी हैरानी की बात तो यह है कि चुनाव के दिनों में ही सफेद झूठ बोल कर के जनता को गुमराह किया जाता है! हम सस्ता राशन देंगे! हम सब्सिडी देंगे! हम हर घर के एक आदमी को नौकरी देंगे! छात्राओं को वर्दी देंगे! छात्राओं को साइकिल देंगे! जीनियस बच्चों को टेबलेट देंगे! लैपटॉप देंगे! मुफ्त किताबें देंगे! सोलर लाइट लगाएंगे! हर घर में नल लगवाएंगे! हर घर को पक्की सड़क बनवाएंगे! जब से दिल्ली में आप पार्टी की सरकार बनी है, तब से तो जनता को मुफ्त बिजली देने का वायदा किया जा रहा है! मुफ्त पानी देने की घोषणा की जा रही है! मुफ्त एजुकेशन दी जाने की लच्छेदार घोषणा की गई है! चिकित्सालयों में मुफ्त दवाइयाँ दे कर इलाज करने की गारंटी दी जा रही है! सभी औरतों को 1000 रुपए प्रति मासिक पेंशन देने की गारंटी दी जा रही है। कांग्रेस ने भी गरीबी हटाओ देश बचाओ के मन लुभावने नारे लगा कर के गरीबों को मूर्ख बनाया और कई चुनाव जीते। भाजपा ने मक्कारी से भरा हुआ *सब का साथ सब का हाथ* नारा दे कर के चुनाव जीता! स्विस खातों में जमा चोरों का धन अपने देश में ला कर के पन्द्रह-पन्द्रह लाख रुपए भारतीयों के बैंक खातों में जमा करवाने का वायदा किया था। प्रति वर्ष दो करोड़ नौकरियाँ देने का महाझूठ, महाउपद्रव की घोषणा की थी, जिन में से एक भी वायदा पूरा नहीं किया गया।
वोटरों को झूठे वायदे करने वालों को सबक सिखाना चाहिए:---- मूलनिवासी जनता को अपने प्रतिनिधियों को अपना खुदा और अवतार नहीं समझना चाहिए और हिम्मत के साथ अपने विधायकों और सांसदों को पूछना चाहिए, कि हे भाई! आपने जो वायदे किए थे, वे पूरे नहीं किए यदि उन का जवाब संतोषजनक ना हो तो उन की ऐसी दुर्गत करनी चाहिए ताकि दुबारा चुनाव लड़ते समय कोई झूठा वायदा कर ही ना सके। ये लोग झूठे वायदे करते हैं, जब ये बेईमान लोग जीत जाते हैं, तब वोटर इन को खुदा समझ कर डरने लगता है, डर के मारे ये नहीं पूछते हैं कि हे भाई! आप ने जो बायदा किया था, वह पूरा क्यों नहीं किया? जब वह आप को धमका कर चुप रहने को विवश करे तो डरने की अपेक्षा उस के गले में जूतियों के हार डालने चाहिए, जिस से शर्मिंदा हो कर के मर जाए या दोबारा चुनाव ही ना लड़ सके।
वोटरों में जागृति आनी चाहिए:---- जब तक वोटर में जागृति नहीं आएगी तब तक ये मक्कार ढोंगी, पाखंडी, झूठ बोलने वाले नेता जनता के साथ खिलवाड़ करते रहेंगे। 85% मूलनिवासियों को ये पक्की कसम खा लेनी चाहिए, कि चाहे *हमारा वोट जीते या हारे* हम वोट केवल और केवल अपनी बहुजन मुक्ति पार्टी को ही डालेंगे। आज की डेट में केवल बहुजन मुक्ति पार्टी के नेता ही ब्राह्मणवाद का सामना कर रहे हैं, बाकी सभी मनुवादियों के दल्ले और दलाल बन कर आप के वोटों को बेच कर खा रहे हैं। आप के अधिकारों की रक्षा के लिए केवल वहुजन मुक्ति पार्टी के जांवाज नेता शहीद हो कर आप के लिए बलिदान देते जा रहे हैं।
राम सिंह आदवंशी।
महासचिव,
बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश।।
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