कांग्रेस के वीरभद्र सिंह द्वारा बैकडोर भर्ती
85% मूलनिवासी साथियो,
सोहम, जय गुरुदेव!
कांग्रेस, मूलनिवासियों के आरक्षण को समाप्त कर के रोजगार को छीनती आ रही है। कांग्रेस शिक्षा का निजीकरण करके गरीबों के वच्चों को सरकारी स्कूलों में घटिया शिक्षा देकर, बिंना परीक्षा लिए पास कर के, कम्पीटिशन से बाहर करती आ रही है| सरकारी स्कूलों में पूरे टीचर उपलब्ध ना करवा कर वच्चों को नालायक बना कर मूलनिवासी लोगों के वच्चों को बर्बाद करती रही है। अपने बोट बैंक को मजबूत करने के लिए, खेतों में पड़ा, गला सड़ा सस्ता राशन, नलके, लाइटें, सड़कें, आदि दे कर वोट लेती आ रही है मगर सभी सवर्ण और अछूत जातियों के गरीब, लोगों को आत्मनिर्भर बनानी वाली नौकरियों को छीनने के लिए कच्ची नौरकरियाँ करती रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमन्त्री वीरभद्र सिंह ने, 6799 शिक्षक पीटीए द्वारा सवर्ण लोगों में से ही भर्ती किए, 3261 पैट, 97 पैरा, 2613 एसएमसी अध्यापक और अनगिनत आंगनबाड़ी टीचरों, सहायकों, वन गार्डों, असंख्य क्लर्कों, सहायक प्रोफेसर, सी एंड वी, 1348 कम्प्यूटर टीचरों, 507 पंचायत पशु सहायक, 2300 आईपीएच पैरा फिटर, आपरेटर, बिजली विभाग में 1250, कुल 25000 आउटसोर्स, 3000 विकलांगों, जलवाहकों, आसा वर्करों, मिडडे मील वर्करों, पंचायत टीए, नर्सों, सुरक्षा गार्डों, कंडक्टरों, बस चालकों, पुलिस कर्मियों सहित अनेकों कच्ची नियुक्तियां कर के अमीर सवर्णों को ही नौकरियां देकर, मूलनिवासी वच्चों के पेट में लात मारी है|
जिन लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आरक्षण के माध्यम से विधायक और सांसद विधानसभा और संसद में जाते हैं, वे भी अपनी गरीबी दूर करने के लिए, अपने बच्चों के भविष्य को सुधारने के लिए ही राजनीति करते हैं| ये लोग केवल अपने आकाओं को खुश रखने के लिए विधानसभाओं और संसद में मौन धारण करके बैठे रहते हैं, ताकि उन के टिकट कहीं काटे ना जाएं| ये लोग जिन मूलनिवासी लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं उनके लिए इन की जुबान तक ना तो हिलती है और ना ही खुलती है, इसलिए मूलनिवासियो यदि आप मनुवादियों की गुलामी से छुटकारा चाहते हो, तो तत्काल मनुवादी राजनीतिक दलों को वोट देना बंद कर दो और कसम खा लो कि हम केवल बहुजन मुक्ति पार्टी और उस के ही संयुक्त मोर्चे को ही वोटिंग करेंगे और मूलनिवासी सरकार बनाएंगे तभी आप का कल्याण संभव है|
रामसिंह आद वंशी
महासचिव
वहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश।
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