सामाजिक बुराइयों से गरीबी का अंत
।।सामाजिक बुराईयों की समाप्ति से गरीबी का अंत।।
आदरणीय मेरे भाईयो, बहनों, वच्चों, बजुर्गो, "सोहम" जय गुरुदेव!
अमीर आर्यों ने पांच हजार सालों से भारत की जनता को छः हजार जातियों में बांट कर के समरसता खत्म कर रखी है, जिस से एक जाति दूसरी जाति से अपने आप को उच्च एवं श्रेष्ठ मान कर, आपस में ना तो रोटी-बेटी का सम्बंध करते हैं, ना ही छूते हैं। तो फिर मानव बनने का क्या मतलब रह जाता है? सभी जातियों के कुछ अमीर शैतान व्यक्तियों ने, अपने वच्चों को सुखी व समृद्ध बनाए रखने के लिए, ऐसे घृणित, गंदे, रीति-रिवाजों और परंपराओं को जन्म दे रखा है, जिन के कारण वे तो घर बैठ कर ही गरीबों का खून चूस कर सुखमय जीवन बिताते आए हैं और हर जाति, धर्म का गरीब, गरीब ही रखा जाता है, जिससे सभी जातियों के अमीर-अमीर, गरीब, गरीब ही होते जा रहे हैं, इसलिए:---
जाति धर्म खत्म करो:--- जाति और धर्मों के बंधन खत्म करके, सभी मूलनिवासी आपस में अंतर्जातीय, अंतर्धार्मिक विवाह कर के जातियों और धर्मों को खत्म करो। धर्म केवल आदपुरष द्वारा स्थापित आदिकाल से चला आ रहा, एक ही आदधर्म है, वही अपना कर आप जनगणना में लिखवाओ।
लेन देन बंद करो:--- खुशी, गमी और शादियों में, नारियलों, चूड़ियों और कपड़ों का लेन देन बंद करो, मुर्दों को एक कपड़े में लपेट कर, बांस की अर्थी के ऊपर ले जा कर जलाओ ताकि व्यर्थ में धन जला कर दुकानदारों के घर ना भरे जाएं। मृत्यु भोज बंद कर दो, रिंग सेरेमनीं, जयमाला जैसी कुप्रथाओं को बंद कर के, धन की तवाही बन्द करो। तेती करोड़ काल्पनिक देवी, देवताओं का बहिष्कार कर के, अपने सतगुरुओं और समाज सुधारकों, गुरु रविदास जी, सतगुरु कबीर, सतगुरु सेन, सतगुर सदना, सतगुरु नाम देव, गुरु नानकदेव जी, महाऋषि वाल्मीकि जी, स्वामी गाडगे, स्वामी अच्छूतानंद, साहिबे कलाम मंगूराम मुगोवालिया, साहिब कांशीराम, पेरियार, ललई राम, वामन मेश्राम, चंद्रशेखर रावण के अनुगामी बनें। सच्ची सरकार न्याय के देवी देवता सिद्धचानो जी, मातेश्वरी लोना के ही मंदिरों की स्थापना कर के भक्ति करो।
सोलह संस्कार ठगों और लुटेरों के दिमाग की उपज:--- विश्व में एक मात्र भारत देश ही है, जिस में सोलह संस्कारों की खोज कर के जनता को लूटा जाता है। हम इस लूट को नहीं समझते, मर जाने पर भी पीड़ित परिवार को लूटने, ठगने और क्रिया कर्म के नाम पर खर्च करने की व्यवस्था की गई है, जो महामूर्खता है। शरीर से केवल श्वास अर्थात हवा ही निकलती है, जो हवा में मिल जाती है, फिर वह हवा कहां, कैसे, पंडित के दिलाए गए बर्तनों, जूतों, चारपाई और अन्न जल को ग्रहण करती है। जहां पीड़ित परिवार टूटा हुआ होता है, वहीं उस के सिर पर क्रिया कर्म का कर्जा और चढ़ा दिया जाता है, ये संस्कार तत्काल बन्द किये जाएं, शव को एक ही कफन में जला कर, आठबें दिन मृतक को केवल फूल अर्पित कर के श्रद्धाजंलि ही दी जाए, कोई मृत्यु भोज ना किया जाए। अगर विधवा शादी करना चाहे तो उस की पुनः शादी की जाए ताकि वह घुट घुट कर ना जिये। अपनी हक़ हलाल की कमाई का दसवां हिस्सा भगवान के नाम पर खर्च करो। किसी की हराम की कमाई अपनी जेब में मत डालो, शुभ आयोजनों पर लिफाफे में श्रद्धा अनुसार शगुन देने की प्रथा शुरू करो, ताकि ये धन किसी के काम आ सके।
जमीन जयदाद के लिए कोर्ट में धन बर्बाद मत करो :---जमीन हमारी होती और पटवारी कानूगो, तैसीलदार, वकील हमारा सारा धन निकाल कर, हमें कंगाल बना देते हैं, इसलिए अपनी घरेलू पंचायत बना कर, आपसी मन मुटाव और झगड़ों को घर पर ही खत्म कर लो। आपस में प्यार से जीवन जियो, क्योंकि ये धरती छोड़नी ही पड़ती है, फिर आपस में क्यों लड़ा और झगड़ा जाए?
मेहनत मजदूरी को भगवान मानो:--- जो हक हलाल की कमाई खाते हैं, वही सुखी रहते हैं, किसी को भी लाखों करोड़ों रुपयों का घाटा नुकसान नहीं होता है, इलाज पर धन बर्बाद नहीं होगा इसलिए मेहनत मजदूरी को ही भगवान मानो और हर पल पल घर पर ही "सोहम" शब्द का जाप किया करो, तभी भगवान आप के घर आएंगे, क्योंकि गुरु रविदास जी महाराज ने खुद जगह जगह जा कर, अपने सत्संगों में समझाया था कि:---
सोहम सोहम जप लै, सोहम सोहम जाप।
सोहम सोहम जपदे, लाभ लवेंगे आप।।
उठत बैठत जागत सोवत जपिया सोहम जाप।
गुरु ऐनक में नैन बसै तिस कोल वसै हरि आप।
मूलनिवासियों को जातीय दीवारों को तोड़ कर, अपने गुरुओं के पर्व मिलजुल कर श्रद्धा पूर्वक मनाने चाहिये।
कोई पुस्तक भगवान ने लिखी:--- ये कथन बिलकुल निराधार और झूठ है, कि कुछ पुस्तकें ईश्वर ने लिखीं हैं, बिंना शरीर के कुछ नहीं हो सकता, ये गरीबों को गुलाम बनाए रखने की कुछ अमीर लोगों की फितरत है। ईश्वर शरीर के अंदर ही निवास करता है, जिसे कोई भी, किसी को दिखा नहीं सकता। केवल अच्छे बुरे कर्मों से ही आदपुरष के अस्तित्व और उन के फैसलों का अहसास होता है।
स्वास्थ्य शिक्षा
सिद्धचानो धाजे ब:----
स्कूली शिक्षा पर जोर दो:--- वच्चे केवल और केवल स्कूली शिक्षा से सभ्य और सुसंस्कृत बनते हैं, अपने वच्चों को कम से कम बीए, एमए तक तर्कसंगत अच्छी शिक्षा और संस्कार दो ताकि वे शराबी, जुआरी, चोर, ठग, बदमाश, लुटेरे, गुंडे, खूनी और कातिल ना बन सकें। अत्याचार सहन करना बंद कर के अपनी सुरक्षा खुद एकता बना कर करो।
हमीरपुर का विकास:--- हमीरपुर जिले में शिक्षा का गढ़ केवल एडवोकेट रूपसिंह फूल के कारण ही बना है, उन के ही प्रयासों से हमीरपुर में हजारों वच्चे शिक्षक बन सके, टेक्नीकल विश्विद्यालय, एनआईटी और पोस्ट ग्रेजुएट कालेज उन के ही कारण बने हुए है। यदि वे दूरदर्शी ना होते तो आज हमीरपुर भी पिछड़ा ही रहता मगर कबीरपंथी गरीब परिवार में होने के कारण कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने उस महान शक्ति का नामोनिशान मिटा रखा है, आज मनुवादी मुख्यमंत्री केवल अपनी पार्टी के लोगों को ठेके देते है, सरकारी खर्चे पर दफ़्तरों के लिए मकान भी अपनों को दिला कर अपनों को लाभ पहुँचाते हैं, इस अन्याय को समझो और अपने थर्ड फ्रंट को बोट दो और दिलाओ। कांग्रेस भाजपा को कभी बोट मत दो।
आपस में सद्भावना बनाओ:--- सभी आपस में सदभाव बना कर, एक दूसरे की मुशीबत में मदद करो, कोई किसी के साथ अत्याचार करे तो मिल कर, उसे ऐसा करने से रोको अन्यथा मधुमक्खियों की तरह उस का मुकाबला करो। किसी के वच्चे को बुरी आदतों में मत डालो।
केवल गरीब ही मजदूरी करने के लिए नहीं जन्में:--- केवल गरीब ही मजदूर, मिस्त्री, नाई, चमार, कुम्हार, लुहार, मेहतर, धोबी, बन कर कार्य करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं, जो ऊँची नीची जातियों के अमीरों की, गरीबों को गुलाम बनाए रखने की साजिश है, योग्यतानुसार वच्चों को व्यवसाय सिखा कर अपने पांव पर खड़ा करो, वच्चों को अमीरों द्वारा खून चूसने से बचाओ, अगर आप नहीं संभले तो वच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जायेगा। कौशल विकास भत्ते से खूनी क्रान्ति नहीं रुकेगी।
कांग्रेस भाजपा ने मूलनिवासियों को गुलाम बना कर रखा है:---- कांग्रेस, कम्युनिष्ट और भाजपा मूलनिवासियों को लाइटें, सड़कें, नल , मकान देदेते हैं मगर अच्छी शिक्षा और नौकरी नहीं ताकि आप अमीर ना हो सकें, ये आप का खून चूसने वाले अंबानी, अडानी, टाटा, बिड़ला डालिमा आदि अमीरों के धन से चुनाव लड़ते हैं, फिर आप का बोट भी अंबानी, अडानी, टाटा और बिड़ला को ही जाता हैं। इन राजनीतिक दलों ने, अनुसूचित जातियों और ओबीसी के सांसदों विधायकों को भी अपने काबू में रख कर आप को गुलाम बनाया हुआ है। कांग्रेस भाजपा कम्युनिष्ट दलों के एससी सेलों में कार्य करने वाले मूलनिवासी अपने दलों में काम करें, ताकि ये लोग आप का लाभ ना ले सकें।
शवयात्रा:----ब्राह्मण राजपूतों ने हमारे आरक्षण, अनुसूचित जाति एक्ट और भारत के संविधान की शवयात्रा अपने युवाओं द्वारा निकलवाई हुई है,जिस में वीरभद्र और धूमल के युवा पुत्रों का हाथ है, मनुवादी शासन प्रशासन का हाथ है, सरकारी नॉकरियाँ तो खत्म कर दिन परन्तु फिर भी हमारी शवयात्रा निकलवाई जा रही, इसलिये अब भाजपा और कांग्रेस को कभी भी बोट ना दिया जाए, अपने सभी रिश्तेदारों को भी समझाया जाए और केवल वहुजन मुक्ति पार्टी को ही बात डाला जाए। गावों में सुरक्षा दस्ते बना कर अपनी रक्षा सुनिश्चित की जाए।।
संयुक्त मोर्चा बनाओ:--- आज केवल महाविद्वान वामन मेश्राम जी, वीएल मातंग और उन के साथी ही 85 प्रतिशत मूलनिवासियों के अधिकारों के लिए कांग्रेस, आप, भाजपा, अकालियों और कम्युनिष्टों की शोषणवादी नीतियों से लड़ रहे हैं, कभी भी इन दलों से चुनाब लड़ने वाले अनुसूचित जाति, जन जाति, ओबीसी के लोगों को वोट मत डालना। अपना संयुक्त मोर्चा बना कर सभी जातियों के अमीरों का शासन खत्म करो, तभी सभी जातियों के गरीब परिवारों को जमीन, रोटी, कपड़ा और मकान मिलेगा। सभी जातियों के गरीब लोग, कांग्रेस, भाजपा का साथ देने वाले अछूत, दल्लों, दलालों का बहिष्कार करो, क्योंकि इन्हीं दलालों के कारण अछूत, अछूत हैं, गरीब, गरीब हैं। स्वर्णों को भी जाति बंधन तोड़ कर संयुक्त मोर्चा को ही वोट देना होगा, तभी गरीब सवर्णों का भी कल्याण होगा।
रामसिंह।।
महासचिव।
बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश
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