मूल निवासियों वोट की कीमत समझो
मूल निवासियो बोट की कीमत समझो।।
मेरे भारत के पचासी प्रतिशत मूल निवासियो, सोहम, जय गुरुदेव!
बड़े दुख की बात है कि आप वोट की कीमत को नहीं समझ रहे हैं। अपने वोट को कौड़ी के बदले उन लोगों को दे देते हैं, जो लोग आप के ऊपर अत्याचार करते हैं! सितम ढाते हैं! माबलिचिंग करते हैं! बलात्कार व्यभिचार करते हैं! आप को लाचार बना कर रखा हुआ है! आप को गुलाम बना करके रखा हुआ है! आप को नोकरियों से महरूम किया जा चुका है! फिर भी आप उन्हीं जालिम लोगों को अपना अमूल्य वोट दे देते हैं, जो राजे, महाराजे, सम्राट बनाता है। एक वोट की कितनी अहमियत है? कितनी कीमत है? आप नहीं समझते। यह अधिकार कोई अपने आप नहीं मिल गया हैं और ना ही यह वोट का अधिकार किसी ने आप को बड़ी आसानी से दिया है, अगर वोट की प्राप्ति का इतिहास आप जानना चाहते हैं, तो साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी, स्वामी अछूतानंद जी महाराज कानपुर, बीडीओ हजारा राम के इतिहास को पढ़ो, हमारे पचासी प्रतिशत मूलनिवासियों को गांधी, नेहरू, पटेल, बाल गंगाधर तिलक, वाल कृष्ण गोखले आदि हमें वोट तो दूर की बात थी वे तो कोई भी मौलिक अधिकार नहीं देना चाहते थे और अंग्रेजों को भी अधिकार देने के रास्ते में रोड़े अटकाते थे, मगर आद धर्म मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी ने लार्ड जोहन साइमन और लार्ड लोथियन को मेमोरेंडम देकर बताया था कि भारत के वास्तविक 85% मूलनिवासी आप के भी गुलाम हैं और पंद्रह प्रतिशत हिंदुओं के भी गुलाम हैं। हमें मकान बनाने, जमीन के मालिक बनने के अधिकार नहीं है। जमीन हमारे नाम नहीं है। हमें जमीन दी जाए। अंग्रेज सरकार सभी को समान दृष्टि से देखती थी, इसीलिए अंग्रेजी सरकार ने साइमन कमीशन को भारत भेजा था। साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी ने साइमन को बताया था, कि हम हिंदुओं के गुलाम हैं, यह हमें जमीन खरीदने और बेचने का अधिकार नहीं देते हैं और ना ही आप कोे देते हैं, हमारे पास मकान बनाने के लिए कोई जमीन नहीं है। जब तक हम हिंदुओं की बेगार करते रहते हैं, तब तक ये लोग हमें अपनी जमीन में झुग्गी झोपड़ी में बना कर रहने देते हैं और जब इनका काम नहीं करते हैं, तो ये हमारी झुग्गी झोपड़ियों को जला देते हैं। इस घृणित व्यवहार को देख कर के अंग्रेजों ने हमारे पूर्वजों को मकान बनाने के लिए जमीन उपलब्ध करवाई थी। हमें 1932 में नौकरियां में आरक्षण और मौलिक अधिकार दिए जाने लगे, तब भी हिंदुओं ने अंग्रेजों को हमें अधिकार देने से रोका था। हमें वोट देने के अधिकार से भी वंचित करने के लिए इन्होंने कई प्रकार के तर्क रखे थे, कि वोट का अधिकार केवल लैंडलॉर्ड और पढ़े लिखों को ही मिलना चाहिए, मगर मंगू राम मुगोवालिया ने अंग्रेज सरकार को कहा कि वोट का अधिकार सभी को मिलना चाहिए अन्यथा वोट की कोई अहमियत नहीं रहेगी। साहिब मंगू राम जी के तर्क वितर्क को सुनकर के अंग्रेजों ने 85% मूल वासियों को भी वोट का अधिकार दिया था, जो सन 1936 के विधानसभा चुनावों में प्रयोग किया गया था, जिस के कारण सारे भारत में हजारों एससी, एसटी, ओबीसी, माइनॉरिटी के विधायक चुने गए थे, जिन्होंने निडर हो कर के 1947 तक अपने समाज की सेवा की मगर नए संविधान बनने के बाद जिन लोगों को कांग्रेस ने टिकट दिए, उन लोगों को गुलाम बना कर के कांग्रेस पार्टी उन को ब्लैकमेल करती आ रही है। उसी काम को आज भाजपा और आप पार्टी भी करती जा रही है, जिस के कारण आज 85% मूल निवासियों की शिक्षा को खत्म कर दिया गया है। सब कुछ प्राइवेट कर के आरक्षण खत्म कर दिया गया है। निजीकरण कर के सारी नौकरियों के ऊपर हिंदुओं ने कब्जा कर लिया है। अब जो कुछ शेष बचा था, वह भी छीन लिया है। प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरी तभी मिल रही है, जब काग्रेस, भाजपा के नेता फोन करते हैं अन्यथा हमारे युवाओं को बाहर का रास्ता दिखा दिया जा रहा है, मगर यह सब तब हो रहा है जब आप अपने वोट का इस्तेमाल ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं, अगर आप अपने वोट अपने मूल निवासी को ही डालें और अपने ही मूल निवासियों को पंच, उपप्रधान, प्रधान, बीडीसी मेंबर, जिला परिषद मैंबर, विधायक और सांसद चुने तो आप की सरकार बन सकती है और आप अनुमान लगा लीजिए कि यह सब कुछ केवल वोट के कारण ही हो सकता है, जिस की कीमत को आप समझ नहीं पा रहे हैं। अमूल्य रत्न को आप बेच कर अपने पांवों के ऊपर खुद ही कुल्हाड़ी मारते आ रहे हैं।
आप को बरगलाने के लिए आप को हिंदू समझाते हैं कि यदि आप ने अपनी पार्टी को वोट डाला तो आप का वोट खराब जाएगा, इसलिए आप वोट कांग्रेस, बीजेपी और आप पार्टी को ही डालो मगर दोस्तों वोट खराब कभी नहीं होता है। जब भी आप अपने मूल निवासी को वोट डालोगे, तो आप के उम्मीदवार की हिम्मत बढ़ेगी और दूसरी, तीसरी बार चुनाव लड़ने पर वह अवश्य जीतेगा और आप की सरकार बना कर के आप को नौकरियां, जमीन और न्याय देगा। आज आप तो न्याय मिल रहा है, ना नौकरियां मिल रही हैं और ना ही जमीन मिल रही है, जिस में खेती करके आप लोग पेट भर सकें। आप को तो केवल भवन बनाने के लिए, सड़कें बनाने के लिए, पुल बनाने के लिए, बांध बनाने के लिए, दिवारों में रंग करने के लिए, सरकार बनाने के लिए, घरों में झाड़ू पोछा करने के लिए, गंदगी से लथपथ शोचालयों को साफ करने के लिए मजदूर बना कर रखने का षड्यंत्र जारी रखा हुआ है, जिस को आप समझो और वोट केवल आप अपने संयुक्त मोर्चे को ही डालो, तभी गरीब सवर्णों और अवर्णो की सरकार बनेगी, तभी आप को रोटी, कपड़ा और मकान उपलब्ध होगा।
जय गुरुदेव।
राम सिंह ।
महासचिव बहुजन मुक्ति पार्टी हिमाचल प्रदेश 12190 16240
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