सभी मूलनिवासी एक मंच पर इकट्ठे हो जाओ।

 मेरे प्रिय भारतीय मूलनिवासी साथियों, 

जय गुरुदेव! 

बड़े दुख की बात है कि हम कांग्रेस, बीजेपी और आप पार्टियों की दरियों को उठाने और बिछाने का काम करते आ रहे हैं और अब भी यही काम करते जा रहे हैं, जबकि इन पार्टियों के नेता हमें केवल बोट बटोरने के लिए ही प्रयोग करते हैं। किसी पॉलिसी मैटर में हमें कोई नहीं पूछता है, फिर भी हम इन मनुवादी पार्टियों के दल्ले और दलाल बने हुए हैं। हम अपना स्वाभिमान भूल गए हैं, हम अपनी 85% शक्ति को भी भूल गए हैं। हम अपने वीरों, बहादुरों की बहादुरी को भूल चुके हैं। चमार रेजिमेंट ने विश्व में सबसे अधिक परमवीर चक्र जीते हैं, जिस का इतिहास मनुवादी सरकारों ने कभी उजागर नहीं होने दिया। इस वीर रेजमेंट को खत्म कर दिया गया है। हम वर्षों से चमार रेजीमेंट को बहाल करने के लिए आग्रह कर रहे हैं और प्रयास करते आ रहे हैं मगर चमार रेजिमेंट को ख़त्म करने वाला मनुवाद और मनुवादी सरकारें है, जो चमार रेजीमेंट को बहाल नहीं कर रही हैं। हम कोरेगांव संघर्ष को भी भूल चुके हैं, जिसमें हमारे वीरों ने हमारे दुश्मनों को मार मुका कर सबक सिखाया था। हम छोटे बड़े राजनीतिक दल बनाकर के बैठे हुए हैं और अपने 85% वोटों को भी बांट कर के हार जाते हैं। हम प्रतिदिन सड़कों पर अपनी आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। स्लोगन लगाने में अपना समय बर्बाद करते आ रहे हैं, जबकि हमें ऐसा करने की अपेक्षा घर घर में जाकर के 85% मूल निवासियों को समझाना चाहिए कि अब हमें वोट केवल और केवल अपने ही मूलनिवासी को डालना है। किसी भी हिंदू को हमें वोट कभी भी नहीं डालना चाहिए।

मेरा सभी 85% मूल निवासियों से आग्रह है कि आप गांव-गांव में जाकर के समझाएं कि हमारी शिक्षा खत्म कर दी गई है, बिना परीक्षा के ही हमारे बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट किया जा रहा है, ताकि हमारे बच्चे जीनियस और स्कॉलर ना बन सकें। प्राइवेट स्कूलों में हमारे बच्चों को 25% सीट आरक्षित की गई हैं, मगर प्राइवेट स्कूल मालिक अपने विद्यालयों में फर्जी बच्चों का एडमिशन दिखा करके करोड़ों रुपए का मिलने बाला स्कालरशिप खुद ही हड़प कर रहे हैं, मगर हमारे बच्चों को एडमिशन नहीं दे रहे हैं। जो संविधान में आरक्षण दिया गया था, काग्रेस, भाजपा और आप आदि मनुवादी पार्टियों ने वह भी समाप्त कर दिया है। पजाब सरकार ने 178 ला अधिकारियों को आरक्षण यह कहकर खत्म कर दिया की अनुसूचित जातियों में से कोई भी योग्य व्यक्ति ला अधिकारियों के लिए उम्मीदवार नहीं मिल रहा है। जब अनुसूचित जाति कमीशन ने आप पार्टी सरकार को आदेश दिया कि ला अधिकारियों की भर्ती में आरक्षण दिया जाए तो केजरीवाल की आप पार्टी सरकार ने उस निर्णय के खिलाफ पंजाब हाईकोर्ट में अपील कर दी ताकि अनुसूचित जातियों को ला अधिकारी नियुक्त ना किया जा सके।

मोदी ने सारे सरकारी सेक्टर को बेच कर हमारी नौकरियां खत्म कर दी हैं। हमारे ऊपर नए ढंग की मनुस्मृति लागू की जा चुकी है, पहले हमारी एक ही जाति थी, जिसका नाम अछूत था मगर आजादी के बाद हमारी अनेकों जातियों को संवैधानिक दर्जा देकर संविधान में दर्ज किया गया है, जिस के लिए भी कोर्ट में जाकर के शपथ पत्र देकर अपने आप को अछूत घोषित कर के प्रमाण पत्र हासिल करना पड़ता है, जिस के आधार पर ही हमें नौकरी मिलती रही है मगर आज वे नौकरियां भी खत्म कर दी गई हैं। प्राइवेट कंपनियों में भी 85% गैर हिंदू मूल निवासियों को नौकरी तब मिलती है और मिल रही है जब कोई मनुवादी कांग्रेस, भाजपा और आप पार्टी का मनुवादी नेता प्राइवेट कंपनी के मालिक को यह बताता है, कि यह हमारा कार्य कर्ता है या हमारे कार्यकर्ता का उम्मीद उम्मीदवार है, इसलिए आप इन्हें नौकरी दे दीजिए, यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो किसी भी मूलनिवासी को प्राइवेट सेक्टर में भी नौकरी नहीं दी जा रही है, इसलिए साथियों आप सभी, सभी प्रकार के संघर्षों, आंदोलनों को त्याग कर के अपने गांव में जाकर के, अपने अपने सगे संबंधियों, रिश्तेदारों के घरों में जा कर के लोगों को समझाएं कि हम ने कभी भी कांग्रेस, बीजेपी और आप पार्टी आदि मनुवादी दलों को वोट नहीं डालना है और ना ही उनके कहने के अनुसार उनको वोट देना है। अपने रिश्तेदारों को समझाओ कि आपका बोट जीते या हारे मगर आप केवल अपने मूल निवासी को ही वोट डालें और अपने रिश्तेदारों से भी वोट अपने ही उम्मीदवार को डलवाएं, वह चाहे पढ़ा लिखा हो या पढ़ा लिखा ना हो, बस बोट केबल अपने पचासी प्रतिशत मूलनिवासी को ही डालना है, ताकि भारतवर्ष में मूल निवासियों का शासन स्थापित हो सके और सभी गरीबों को चाहे वह मनुवादी ही क्यों ना हो, उन को भी रोजी, रोटी, कपड़ा और मकान मिल सके, तभी अछूत, मूल निवासी मान, सम्मान की जिंदगी जी सकेंगे। मूल निवासियों के शासन में कोई भी अदानी, अंबानी, टाटा, बिड़ला, डालिमा नहीं बन सकेगा। गुरु रविदास जी महाराज के नियम के अनुसार:::

ऐसा चाहूं राज में जहां मिले सबन को अन्न। 

छोट बड़ सब सम बसें तां रविदास रहे प्रसन्न।।

ही सभी को रोजी, रोटी, कपड़ा और मकान मिलेगा। जय गुरुदेव!

रामसिंह आदवंशी।

हिमाचल प्रदेश।


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