चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।।
।।चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।।
गांव खठमी जिला हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश में, आदधर्म गुरु श्री आरएन आदवंशी की अध्यक्षता में चल रहे, चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन में बोलते हुए दिल्ली सैन्ट्रल कमेटी गुरु रविदास सभा के महासचिव श्री अक्षय आदवंशी जी ने कहा कि, आज का दिन सारे विश्व के लिये एक महान दिन सिद्ध होगा, क्योंकि गद्दरी बाबा साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी के उपरान्त आज ही मूलनिवासियों को राष्ट्रीय स्तर पर एकत्र किया गया है, आज हमारे लिए ही नहीं अपितु सभी मूलनिवासी भारतीयों के लिए सौभाग्यशाली दिन है कि, क्रान्ति की बुझी हुई चिंगारी पुनः सुलगने लगी है जिस से भविष्य में विश्व के लिए अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
नंदगढ़ से आदधर्म का शंखनाद:---हम ने पंजाब के गाँव नंदगढ़ महिलांवाली में गुरु आदि प्रगाश ग्रँथ के रचयिता स्वामी ईशरदास महाराज की पवित्र नगरी से विश्व आदधर्म की पुनर्स्थापना का शंखनाद दो हजार सात से शुरू किया है, वहीं पर आदधर्म सन्त सम्मेलनों की शुरुआत भी की थी, उसी पावन धरती पर हम ने आदधर्म का भी मुख्यालय बनाया है। यही वह पवित्र नगरी है जहाँ स्वामी ईशरदास जी महाराज और मातेश्वरी गुरदेई जी महाराज ने, आदधर्म का पवित्र ग्रँथ गुरु आदि प्रगाश ग्रँथ लिख कर सम्पूर्ण किया था। जिसे पंजाबी भाषा से हिंदी में अनुवाद कर के रामसिंह आदवंशी जी ने वहुत बड़ा कार्य किया हैं, मैंने और अशोक कुमार ने इस ग्रँथ को हिंदी में टाईप कर के पब्लिश करवा कर सँगत को उपलब्ध करवाया है।इसी धरती पर आदधर्म भी पनपने लगा था। जिस मानवीय धर्म को हमारी प्रबुद्ध टीम ने विश्व स्तर पर पहुँचा दिया है। इस टीम के संस्थापक श्री रामसिंह आदवंशी जी ही हैं जिन्होंने नंदगढ़ महिलांवाली पंजाब में हमें जमीन खरीदने के लिए प्रेरित किया था, इस टीम के मुख्य नायक थे सन्त गुरदयाल जी गाँव डलेवाल। इन्होंने ही नंदगढ़ में नौ कनाल जमीन तलास कर, अपने इटली निवासी बेटे जीत राम जी से लाखों रुपये भी इस जमीन को खरीदने के लिए हमें उपलब्ध करवाए हैं, और इसी पवित्र धरती पर आदधर्म का मुख्यालय भी बनवाया है। इस टीम में श्री तरसेम सहोता जी, श्री नानक सहोता जी, श्री मती कमला सहोता, श्री ज्ञान चन्द जी, जोगिंद्र सिंह जी रेंनसरी, श्री दिलबाग सिंह भड़साली, सन्त राम मूर्ति जी, श्री अक्षय आदवंशी जी, सन्त वंशी लाल, स्वर्गीय सन्त अवतार सिंह जी हिमाचल प्रदेश, सन्त गुरदयाल जी चक साधु, स्वर्गीय सन्त जीतू राम रुड़की, सन्त स्वयं दास जी रुड़की, सन्त तिलक राज जी, स्वर्गीय बंता राम जी डलेवाल प्रधान गुरु आदि प्रगाश ग्रँथ ट्रष्ट नंदगढ़ महिलांवाली, राम प्रकाश सूद, मास्टर जय राम डलेवाल, सोढ़ी राम, एक्शन श्री जगदीश राम बधण जी पंजाब, जीत राम इटली, अमरजीत इंग्लैंड ने तन मन धन से सेवा की है। जिन जिन लोगों ने यहाँ पर छलकपट, हेराफेरी की है, उन्हें हम ने कोई महत्व नहीं दिया है। ये लोग असाध्य रोगों के शिकार हो कर दुखों के जंजाल में फंसे हुए हैं।
स्वामी ईशरदास जी महाराज ने, आजीवन मूल भारतीयों को ब्राह्मणवाद के चंगुल से स्वतंत्र कराने के लिए संघर्ष किया है। स्वामी ईशरदास जी महाराज ने, आदिवासियों के आदधर्म को नष्ट किये जाने के वाद, बिंना स्कूल का मुंह देखे ही पुनः आदधर्म और आदिवासियों के लिए धार्मिक ग्रँथ, गुरु आदि प्रगाश ग्रँथ तैयार किया है, जिस के कारण ही अछूतों को आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण अधिकार मिल सके थे। सन 1937 में असेंवली चुनाबों सहित सभी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करवा दिया गया था। साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी ने पुस्तकें नहीं लिखीं थी इसलिए उन का नाम इतिहास से मिटा दिया गया मगर भविष्य में वहुजन समाज उन को ही याद करेगा।
आज जरूरत है कि साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी के रुके कारवां को गति देकर, उन के अधूरे कार्यों और सपनों को पूरा कर के मूलनिवासियों को एक मंच पर ला कर खड़ा किया जाए। जो कुछ उन्होंने हमें दिलाया था वह सारे का सारा खत्म किया जा चुका है,जिसे पुनः पाने के लिए हमें आदधर्म के बैनर तले तत्काल इकठ्ठा हो जाना चाहिए।
रामसिंह आदवंशी।
अध्यक्ष।
विश्व आदधर्म मंडल।
अप्रैल 20,2021।
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