चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।।

।।चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।। सन्त राम मूर्ति महाराज ने, आदधर्म अधिवेशन के अध्यक्ष आरएन आदवंशी जी महाराज को संबोधित करते हुए कहा कि, आदधर्म ही वैश्विक धर्म था, अब भी विद्यमान है और भविष्य में भी रहेगा, भले ही कुछ लोगों ने आदधर्म को मिटा कर नए धर्मों के संस्थापकों के रूप में अपना नाम अमर कर लिया है, मगर ये धर्म चिरस्थाई नहीं है। जब आदिपुरुष पुनः सत्ता में आएंगे तब आदधर्म ही विश्व में चलेगा। स्वामी ईशरदास जी महाराज फरमाते हैं कि:--- पछमो दखन जावसी, दखनों पूर्व आवसी।। होशियार पुर नजदीक नंदगढ़ डेरे लावनगे। स्वामी ईशरदास जी महाराज ने कहा है कि, जब स्वयं आदिपुरुष प्रकट हो कर आदधर्म का झंडा लहराने के लिए आएंगे तब वे पहले पश्चिम दिशा की ओर से दक्षिण की ओर जा कर जगन्नाथपुरी में नमन कर के, पूर्व दिशा की ओर आएंगे और हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के धार्मिक स्थल रिवालसर में नतमस्तक हो कर, पुनः हमीरपुर होते हुए, होशियार पुर के नजदीक पवित्र स्थल नंदगढ़ आएंगे, जहां से ही वे राजपाठ चलाएंगे। आदिपुरुष के शासन में, निठल्ले और हरामखोर लोगों का जीवन दुश्वार हो जाएगा। दुश्वारियों को निठठले बैठ कर खाना, खाना भी मुश्किल हो जाएगा। सभी को मेहनत करनी पड़ेगी। कर्म पर बल दिया जाए:---सन्त राम मूर्ति जी महाराज ने, उपस्थित राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को कड़ा परिश्रम करने का आह्वान किया है, क्योंकि आदिपुरुष केवल हक हलाल की कमाई खाने वालों को ही सुखी रखते हैं, उन्हीं के घरों में ही समृद्धि आती है। जो ईमानदारी से कर्म करता है, वही परिवार फलता फूलता है, उसी परिवार के बच्चे महान बनते हैं, वही नवयुवक अपने देश को उन्नति के शिखर पर ले जाते हैं। वही माता पिता का नाम रोशन करते हैं। दृढ़ आत्म विश्वास रखो:---- सन्त राम मूर्ति जी महाराज ने, समाज को सुदृढ बनाने और आत्म निर्भर बनाने के लिए मूलमंत्र बताते हुए फरमाया है, कि हमें अपने जहन में पूर्णरूपेण दृढ़ विश्वास जागृत करना चाहिये। जिस के मन में दृढ़ और पूर्ण विश्वास होता है, वही सफलता प्राप्त करता है, वही समाज को सही दिशा देता है। आदधर्म ही दृढ़ विश्वास का संदेश देता आया है, आदधर्म आत्मनिर्भर बनाने के लिए दृढ़ विश्वास को ही मूल मॉनता है। गुरु रविदास जी महाराज, कबीर साहिब के साथ ब्राह्मणों ने अनेकों ही मुकाबले किये मगर बुरी तरह से पराजित हुए, अनेकों कड़ी परीक्षाएं देने के लिए, बड़ी बड़ी समस्याएं खड़ी की थीं, जिन में वे पूरी तरह से विजयी हो कर निकले। जिन जिन अत्याचारियों ने जो जो अत्याचार किये हैं, उन के परिणाम अब भुगतने पड़ेंगे। अब ब्राह्मणों  के लिए समय खतरनाक आ रहा है। जिन जिन लोगों ने, मूलनिवासियों के साथ बहिसियाना व्यवहार किया है, उन्हें अपने कर्मों की कड़ी सजा मिलने वाली है, जिस का कोई ईलाज नहीं है। आदिपुरुष का खूनी और निर्दयी खंडा चलेगा, जिन जिन ने मासूम कर्मठ मूलनिवासियों को सताया है, इन के खून पसीने की कमाई को खाया है, जिन्होंने बेगुनाहों को माब्लिंचिंग कर कर यातनाएँ दीं हैं, उन के शरीरों पर भी वैसे ही असंख्य जख्म पड़ेंगे जैसे उन्होंने बेगुनाहों के शरीर पर डाले हुए है। इसी प्रकार शासकों को भी उन के कारनामों के कठोर दंड भुगतने पड़ेंगे। आदधर्म ही क्रांति ला सकता:---सन्त राम मूर्ति जी महाराज ने कहा है कि, आदधर्म ही विश्व में क्रान्ति ला सकता है, इस धर्म में ही समाजवाद छुपा है, सभी को एक नजर से देखता है, यही समतामूलक समाज का हामी है। आप सभी अपने राज्य में आदधर्म को मजबूत करो, सत्य की रक्षा के लिए मर मिट कर, सत्य को जिंदा करो। साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी के अधूरे कार्यों को सम्पूर्ण करने के लिए जो जो संघर्ष करेंगे, उन्हीं का नाम जिंदा रहेगा, बाकी जीते जी ही मरते रहेंगे। रामसिंह आदवंशी। अध्यक्ष। विश्व आदधर्म मंडल। अप्रैल 17,2021।

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