चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।।

।। चतुर्थ राष्ट्रीय आदधर्म अधिवेशन।। नौ अप्रैल 2021 को हिमाचल प्रदेश के गाँव खठमी जिला हमीरपुर में, आदधर्म गुरु आरएन आदवंशी जी महाराज की अध्यक्षता में  चल रहे दो दिवसीय आदधर्म अधिवेशन में, कनाडा से आए श्री सतविंद्र जी ने अपने विचार प्रकट करते हुए, सबसे पहले आदधर्म सम्मेलन का आयोजन करना के लिए श्री रामसिंह आदवंशी का हार्दिक धन्यवाद किया और इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए वधाई दी। अध्यक्ष को संबोधित करते हुए श्री सतविंद्र जी ने बताया कि मुझे उस समय बड़ी प्रसन्नता हुई थी जब मैंने फेसबुक पर पढ़ा कि, नौ दस अप्रैल को हिमाचल प्रदेश के जिला हमीरपुर में आदधर्म सम्मेलन हो रहा है, जिस की जानकारी लिए हम ने रामसिंह आदवंशी को फोन कर के सम्पर्क किया, इस सम्मेलन में भाग लेने का सुअवसर भी रामसिंह जी ने मुझे दिया है, जिस के लिए में इन का अति धन्यवादी हूँ। ऐसे सुअवसर कोई बिरला ही समाजसुधारक और समाज सेवी उपलब्ध करवाता है, जिस का सीधा लाभ समाज को होता है। मुझे तो आदधर्म के बारे में कोई खास ज्ञान नहीं था, किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं थी मगर आज यहाँ आ कर जो सुनने का अवसर मिला है उस से ज्ञात हुआ कि, मेरे पंजाब के ही साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवालिया जी और उन के सिपाहसालारों ने भारत के गुलाम आदिवासियों के लिए, अथक ही नहीं कड़ा परिश्रम किया था। उन्होंने पशुओं की जिंदगी जी रहे मूलनिवासियों के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन अर्पण किया हुआ था। उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ कर वहुजन समाज को ब्राह्मणों की गुलामी से आजाद करवाया है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी:---भारत में स्वास्थ्य के प्रति कोई गंभीरता दिखाई नहीं देती, ना ही खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता पर कोई ध्यान दिया जाता है। वर्तमान सरकारों को, गरीब भारतीयों को जिस प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवानी चाहिए थी, वैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाईं हैं। बहुआयामी शिक्षा की कमी:--- जिस प्रकार की बहुयामी, उच्च स्तरीय शिक्षा उपलब्ध करवानी चाहिए थी, वैसी शिक्षा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है, जितना बजट विदेशी सरकारें शिक्षा पर खर्च करतीं है, भारत में उस का तो एक प्रतिशत भी बजट खर्च नहीं किया जाता। केवल वच्चों को साक्षर मात्र ही किया जा रहा है। जिस देश के बच्चे सुशिक्षित नहीं होंगे, उच्च स्तरीय ज्ञान हासिल नहीं करेंगे, वे ग्लोबल स्तर पर कम्पीट नहीं कर सकते हैं, यही कारण है कि विदेशों में जा कर भारत के इंजीनियर, डॉक्टर, उच्चत्तम शिक्षित युवा भी गेट कीपर, गाड़ी चालक, कृषि मजदूरी करते हैं, ये केवल भारत की शिक्षा की कमजोरी का ही कारण है। आप को मेरा सुझाब है कि, आदधर्म मंडल मूलवासियों की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करे, गुणवत्ता पर ध्यान दे, अपने वच्चों की शिक्षा को स्टेण्डरडाइज करने के लिए, अपने ही स्कूल, विद्यालय, मेडिकल, टेक्निकल, डिग्री महाविद्यालय, विश्वविद्यालय खोलने पर ध्यान दें। अपने ही मूलनिवासी उच्च शिक्षित अध्यापक, प्रध्यापक नियुक्त किये जाएं। स्वास्थ्य पर ध्यान:---मूलनिवासियों के स्वास्थ्य पर भारत सरकार का कोई ध्यान नहीं है, जिस से दिनोदिन गरीबों, मजलूमों, असहाय लोगों का स्वास्थ्य गिरता जा रहा है। अब तो गरीब निर्बल, मजदूरों से काम भी बारह घण्टे लेने का फरमान जारी हो चुका है, जिस से निर्बल लोग अधिक समय तक जिंदा नहीं रह सकेंगे, इसीलिए उन के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए योजनाएं बनाई जाऐं, भारत सरकार से भी गरीबों के शोषण के खिलाफ जारी किए गए फरमानों को वापस लेने के लिए कदम उठाए जाएं। मूलनिवासी हस्पताल खोले जाएं:---आदधर्म मंडल को मूलनिवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए और सस्ता इलाज उपलब्ध कराने के लिए, हस्पताल भी खोलने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि उन्हें सस्ता और इफैक्टिव ट्रीटमैंट उपलब्ध करवाया जा सके। ये सभी काम सभी को मिलजुल कर सहकारी ढंग से करने चाहिए। रामसिंह आदवंशी। अध्यक्ष। विश्व आदधर्म मंडल। अप्रैल 16,2021।

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