साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल के साथी लंबरदार भगत राम।।
।। साहिबे कलाम मंगूराम मुगोवाल के साथी लंबरदार "भगत राम जी"।।
अगर ये कहा जाए कि, 1800 के बाद का युग, आदपुरुष की दिव्य शक्तियों का युग था तो कोई भी अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि इसी स्वर्ण काल में, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल, खूनी क्रान्ति के महानायक बिरसा मुंडा, झलकारीबाई ज्योतिबाफूले, सावित्रीबाई फुले, लंबरदार भगत राम, ठैनू राम, डॉक्टर भीमराव अंबेडकर, गुरु आदि प्रगाश ग्रँथ के रचयिता स्वामी ईशर दास जी महाराज आदि महापुरुषों का जन्म हुआ था, जिन्होंने अंग्रेजों और यूरेशियन की गुलामी के खिलाफ, मूलनिवासी समाज को क्रान्ति अग्नि पथ पर चलने के लिए तैयार किया था। उन की गुलामी से मूल भारतीयों को आजाद करवाने के लिए, अपनी जान हथेली पर रख कर, अंग्रेजों और भारत मूल के काले अंग्रेजों के साथ, संघर्ष किया था, ब्राह्मणों ने अंग्रेजों के साथ मिल कर, सन 1911 के अराजी एक्ट के द्वारा, भारत के मूलनिवासियों को बन्धुआ मजदूर बनाया हुआ था। साहिबे कलाम मंगूराम मुगोवाल जी ने, इसी गुलामी के कानून को, लार्ड लोथियन को निरस्त करने के लिए विवश कर दिया था। स्वतंत्रता सेनानी साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी ने पंजाब आदधर्म मंडल की स्थापना के लिए, सारे भारत का भ्रमण किया था। जब वे हिमाचल प्रदेश के, गाँव किदरियाणा जिला हमीरपुर में आए थे, तब वे भगत राम जी के पास रुके थे। यहीं पर साहिबे कलाम मंगूराम मुगोवाल जी ने, हिमाचल प्रदेश का रोड़ मैप तैयार किया था। सारी रात दोनों ने, आदधर्म मंडल के लक्ष्यों के ऊपर विचार विमर्श किया। साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल ने, हमीरपुर में आदधर्म मंडल की स्थापना पर भगत राम जी के साथ वार्तालाप किया। भगत राम जी भी वहुत बड़े समाज सुधारक थे, ब्राह्मणवाद को वे अपना नंबर एक दुश्मन समझते थे, इसीलिए वे, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी की विचारधारा को समझ गए। भगत राम जी सुबह उठे और समीपवर्ती डमैना नामक गाँव में चले गए जहां वे क्रांतिकारी सेठ ठैनू राम जी के पास रुके और उन के साथ आदधर्म मंडल के अध्यक्ष साहिबे कलाम मंगू राम के बारे बताया। ठैनू राम और उन के बेटे गुलाबा राम, सूबेदार शंकरदास जी ने, लंबरदार भगत राम की सारी बातों को सुना और शाम को उन के घर आने का प्रोग्राम बना लिया। भगत राम जी वहां से, सीधे गाँव खठमी आ गए, जहां वे ख्याली राम सपुत्र बरड़ राम के पास रुके। बरड़ राम जी, नादौन राजा के पास सुराज के रूप में अपनी सेवाएं दिया करते थे। इसीलिए वे भी धन संपन्न थे। उन का रहन सहन और जीवन भी ऐश्वरयशाली था। भगत राम जी ने, मेरे दादा श्री ख्याली राम जी के साथ भी साहिबे कलाम मंगू राम जी के मिशन के बारे में बताया और आग्रह किया कि, शाम को हमारे घर पर मीटिंग होगी, इसीलिए आप भी अपने गांववासियों के साथ वहां अवश्य पहुचें और वहुजन मुक्ति के लिए उन का साथ देने का प्रयास करे। ख्याली राम जी भी अपने छोटे बेटे हीरा राम को साथ लेकर, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी के विचार सुनने के लिए गाँव किदरियाणां आ गए। रात को किदरियाणां गांव के ही सेठ सूहड़ा राम, गरीबा राम गांव कंनकरी के सूबा राम, भूरा राम, भोटा के गज्जन राम आदि ने, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी के क्रांतिकारी विचार सुने और उन के साथ आदधर्म मंडल में शामिल हो गए।
भगत राम जी, हमीरपुर के प्रभारी नियुक्त किये गए, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश में, आदधर्म मंडल की स्थापना करने में, साहिबे कलाम मंगू राम मुगोवाल जी का वहुत साथ दिया। उन्होंने दिन रात घर घर जा कर, अछूतों में जन चेतना जागृत की। राजनीति के बारे में, अछूतों को समझाया और बुझाया, जिन के प्रयासों से हमीरपुर जिले के अछूत, राजनीति के क्षेत्र में सब से आगे है। लंबरदार भगत राम ने, उस समय भी अंग्रेजी सरकार से लड़ कर, कुछ लोगों को लंबरदार भी बनबाया था, जिन में से एक वे भी थे। उन्होंने अंग्रेज अधिकारी को बताया था कि, जब भी अछूतों को किसी लंबरदार से गवाही डलवानी हो तो, अछूतों का कोई भी सवर्ण काम नहीं करता है। हमारे लोगों को बड़ी परेशानी होती है, इसीलिए अछूतों को भी लंबरदार बनाया जाए, उसी दिन ही उन्हें भी लंबरदार बनाया गया था। भगत राम जी ने, कई बार पंच प्रधान के चुनाब भी लड़े मगर मनुवादी उन्हें जानबूझकर ही हरा दिया करते थे मगर उन का इतना बड़ा रुतबा हो गया था कि, उन का नाम सुन कर ब्राह्मणवाद को पसीना आ जाता था। जब साहिब कांशीराम जी का आंदोलन शुरू हुआ था, तब वे भी उस में सक्रिय हो गए थे और सन 1982 में डीएसफोर के झंडे तले, शेर चुनाव चिन्ह पर चुनाब लड़ कर वहुजन समाज पार्टी की नींव डाली थी, हमें भी वे, राजनीति के लिए प्रेरित किया करते थे, उन के ही इंजेक्शन लगने के कारण, मैं भी साहिब कांशीराम जी का मुरीद बन गया था और साहिब कांशीराम जी के आंदोलन में शामिल हो गया था प्रिंसिपल के पद से सेवानिवृत्त होने पर, मैं ने भी सन 2019 में, हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से चुनाब लड़ा। आज जो हमीरपुर में, राजनीतिक चेतना आई हुई है, उस मे स्वर्गीय भगत राम जी का ही हाथ है।
रामसिंह आदवंशी।
अध्यक्ष।
विश्व आदधर्म मंडल।
04 मार्च, 2021।
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