73डाक्टर भीमराव अंवेदकर का जबाब।
डाक्टर भीमराव अंवेदकर का जबाब:-----डाक्टर भीमराव अंवेदकर ने बहस में बोलते हुए, लार्ड लोथियन और हिन्दू मैंबरों को बताया कि, पंजाब आदिधर्म मंडल के नेताओं ने जो जो किताबें बहस में पेश की हैं, ये सारी आप की ही हिन्दू यूनिवर्सिटी बनारस और इलाहाबाद द्वारा छापी हुई हैं, इसलिये जो कानून इन किताबों में लिखे हैं, वही हमने यहां बताए हैं, जिनके आधार पर हिन्दू अछूतों पर अत्याचार करते आए हैं। ये सत्य पर ही आधारित हैं।
डाक्टर भीमराव अंवेदकर का लाला रामदास से सवाल:----–लाला रामदास जी आपने अपने दयानंद दलित उद्धार मंडल की ( रिपोर्ट की प्रति उछालते हुए) रिपोर्ट में ये लिखा हुआ है, कि पंजाब में करीब बाईस लाख आदमी ऐसे निवास करते हैं, जिनके साथ हिन्दू , कुत्ते बिल्ले जैसा सलूक करते हैं, वे कौन हैं? ये क्या अच्छूतों के बन्दे नहीं हैं? क्या ये किसी दूसरे देश से किराए पर लाए गए हैं? बताओ, आप की संस्था के प्रधान कौन हैं?
लाला रामदास की ओर से जबाब:-----जिस रिपोर्ट के बारे में कहा गया है, वह हमारी ही संस्था है,इस संस्था के प्रेजिडेंट लाला देवी चंद हैं, जो जाति के हिन्दू हैं, मैं उस संस्था का महासचिब हूँ।जो जो प्रतिनिधि अछूतों ने यहां पेश किए हैं और मेरे सामने बैठे हैं,वे भी सूबा पंजाब के ही हैं।जिन को ये अछूत कहते हैं, वे छोटे हिन्दू ही हैं, हम इनको शुद्ध करके हिंदुओं के बराबर ला रहे हैं ताकि कोई मतभेद ना रहे।
हमारी ओर से सवाल:-----क्या आप बता सकते हैं,कि जब आप होशियारपुर से अपने गांव पिरथीपुर जाते हैं, तो रास्ते में जितने पानी पीने के भरो आते हैं,जहां गर्मी के मौसम में पानी पीने केलिये घड़े रखे हुए होते हैं,उनसे आप अपने हाथ से पानी लेकर पीते हो।
लाला रामदास की ओर से जबाब:-----मैं रास्ते में जाते हुए पानी ही नहीं पीता हूँ
हमारी ओर से जबाब:-----हमने कमेटी को बताया, कि लाला रामदास जी,जाति के कबीरपंथी हैं, जिनको आर्य समाज ने शुद्ध करके लाला बनाया हुआ है,फिर भी हिन्दू लोग इनको अपने गिलास से पानी नहीं पिलाते हैं।
लाला वालमुकन्द का सवाल:------यदि उच्चे हिन्दू छोटे हिंदुओं के साथ विवाह नहीं करते हैं,तो क्या चूहड़े,चमार आपस में विवाह करते हैं? क्या ये लोग आपस में इकठ्ठे बैठकर खाते पीते हैं? मेरे ख्याल में ये छोट-बड़ियाई इन कौमों में भी है,जो अपने आपको अछूत और एक कहलाते हैं।
हमारी ओर से लाला वालमुकन्द को जबाब:----चूहड़े- चमार आपस में कोई छुआछूत नहीं करते,बल्कि ये आपस में बिवाह-शादियां भी करते हैं,उदाहरण के तौर पर,गांव कालेआल भगतां में अभी-अभीशादी हुई है,गाँव हरियाणा में भी ऐसी ही कई शादियां हुई हैं।
(जब ये निम्न स्तर की बहस हो ही रही थी, जिनका सम्मेलन से कोई लेना देना ही नहीं था,बेकार के तर्कवितर्क किये जा रहे थे,तब डाक्टर भीमराव अंवेदकर में गुस्से में आकर लॉर्ड लोथियन की ओर संबोधित करते हुए कहा)
डाक्टर भीमराव अंवेदकर का लोथियन से सवाल:----सर क्या आपने इस प्रकार के सवाल जबाब करने की इजाजत इन्हें दे रखीं हैं? आज मसला केबल सियासी हक, हकूकों का ही है, फिर यहाँ धार्मिक विवाह ,शादियों का क्या सवाल है?
डाक्टर भीमराव अंवेदकर का लाला रामदास से सवाल:----–लाला रामदास जी आपने अपने दयानंद दलित उद्धार मंडल की ( रिपोर्ट की प्रति उछालते हुए) रिपोर्ट में ये लिखा हुआ है, कि पंजाब में करीब बाईस लाख आदमी ऐसे निवास करते हैं, जिनके साथ हिन्दू , कुत्ते बिल्ले जैसा सलूक करते हैं, वे कौन हैं? ये क्या अच्छूतों के बन्दे नहीं हैं? क्या ये किसी दूसरे देश से किराए पर लाए गए हैं? बताओ, आप की संस्था के प्रधान कौन हैं?
लाला रामदास की ओर से जबाब:-----जिस रिपोर्ट के बारे में कहा गया है, वह हमारी ही संस्था है,इस संस्था के प्रेजिडेंट लाला देवी चंद हैं, जो जाति के हिन्दू हैं, मैं उस संस्था का महासचिब हूँ।जो जो प्रतिनिधि अछूतों ने यहां पेश किए हैं और मेरे सामने बैठे हैं,वे भी सूबा पंजाब के ही हैं।जिन को ये अछूत कहते हैं, वे छोटे हिन्दू ही हैं, हम इनको शुद्ध करके हिंदुओं के बराबर ला रहे हैं ताकि कोई मतभेद ना रहे।
हमारी ओर से सवाल:-----क्या आप बता सकते हैं,कि जब आप होशियारपुर से अपने गांव पिरथीपुर जाते हैं, तो रास्ते में जितने पानी पीने के भरो आते हैं,जहां गर्मी के मौसम में पानी पीने केलिये घड़े रखे हुए होते हैं,उनसे आप अपने हाथ से पानी लेकर पीते हो।
लाला रामदास की ओर से जबाब:-----मैं रास्ते में जाते हुए पानी ही नहीं पीता हूँ
हमारी ओर से जबाब:-----हमने कमेटी को बताया, कि लाला रामदास जी,जाति के कबीरपंथी हैं, जिनको आर्य समाज ने शुद्ध करके लाला बनाया हुआ है,फिर भी हिन्दू लोग इनको अपने गिलास से पानी नहीं पिलाते हैं।
लाला वालमुकन्द का सवाल:------यदि उच्चे हिन्दू छोटे हिंदुओं के साथ विवाह नहीं करते हैं,तो क्या चूहड़े,चमार आपस में विवाह करते हैं? क्या ये लोग आपस में इकठ्ठे बैठकर खाते पीते हैं? मेरे ख्याल में ये छोट-बड़ियाई इन कौमों में भी है,जो अपने आपको अछूत और एक कहलाते हैं।
हमारी ओर से लाला वालमुकन्द को जबाब:----चूहड़े- चमार आपस में कोई छुआछूत नहीं करते,बल्कि ये आपस में बिवाह-शादियां भी करते हैं,उदाहरण के तौर पर,गांव कालेआल भगतां में अभी-अभीशादी हुई है,गाँव हरियाणा में भी ऐसी ही कई शादियां हुई हैं।
(जब ये निम्न स्तर की बहस हो ही रही थी, जिनका सम्मेलन से कोई लेना देना ही नहीं था,बेकार के तर्कवितर्क किये जा रहे थे,तब डाक्टर भीमराव अंवेदकर में गुस्से में आकर लॉर्ड लोथियन की ओर संबोधित करते हुए कहा)
डाक्टर भीमराव अंवेदकर का लोथियन से सवाल:----सर क्या आपने इस प्रकार के सवाल जबाब करने की इजाजत इन्हें दे रखीं हैं? आज मसला केबल सियासी हक, हकूकों का ही है, फिर यहाँ धार्मिक विवाह ,शादियों का क्या सवाल है?
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