9नेह कलंक आदिभाषा लओ पढ़ा।।

      ।।नेह कलंक आदि भाषा लओ पढ़ा।।
।।शव्द बिलाबल।।
आमी आमी आमी आमी दासां नूं स्वतन्त्र करन वालिया,धार्मिक राजनीतिक दोई, गुलामी हेठ खलोई।दो कर जोड़ कर कराँ अरजोई गुलामी तुड़ामी, आमी आमी आमी आमी स्वतन्त्र करन वालिया। ज्यों तन्दुए ते गज छड़बाए, हिरनी हेरि कोलों सहाए,जैहरों अमृत मीरां बनवाए,जाल तुड़ामी, आमी आमी आमी आमी स्वतन्त्र करन बालिया।आदि बसिंदियाँ दी खातिर प्रभ जी आवहि, सब दलित दमन दफा ते स्वतन्त्र करामी। धरु भगत नूं पदवी दिलावहि,गुलामी तक तुड़ावही ।आमी आमी आमी आमी स्वतन्त्र करन वालिया।
।।शव्द पहाड़ी।।
है प्रभ जी नेह कलंक जहाज तट में लावो।गरीब जनता नूं कुचलन अहंकारी आ वसा जावो।।
सर्व विश्व का तुमहे बानी मख़लूक़ात में औऱ ना सानी।अति गरीबां नूं आ के उठा जावो।।
जिनके गल में पाई गुलामी हाथी कीच में कवण अठामी।मेहर करके कढा जामी।। किरखी करण जो साग तुड़ावन गरीब नाराँ जो झिड़कांवण।इन तन्द्ववों से आजाद करा जावो।। जुगड़े वीते पर आर्यन नूं तरस ना आया, ये सचे अखर दास ने सुनाया।जनता दे दारुन संगल लहा जाबे।।

Comments

Popular posts from this blog

गुरु रविदास जी की क्रांतिकारी वाणी दोधारी है।

क्रांतिकारी शूरवीर गुरु रविदास जी महाराज।।

।।राम बिन संशय गाँठि न छूटे।।