24।।शव्द मारू।।
।।शव्द मारू।।
करतार जी सबहूँ धक्के नामदेव जी नूं मारे।
शुद्र जाति नामा जानिया कढण ठाकुर दुआरे।
देहरे दे कर वट नामा बैठा रो रो धाही मारे।
हे ठाकुर तूँ मृतक देह दे ढोई ना तेरे दुआरे।
आए रविदास फेरिया देहरा पंडे रहे पुछबाड़े।
पैज रखी ईशवर नाम दी, पण्डे ना घट गुजारे।
जिहनाने जुलम गुजारे भारे पूजें ना उन्हाने दुआरे।
भगवानदास निज गुरुआँ दे देख लओ नजर नजारे।
।।शव्द पहाड़ी।।
जहर खा के मरदे वी नहीं जेहड़े सांई दे पियारे जी।
जहर पा प्रसाद लिआये पंड़ियाँ धरोह कमा लिया।
शिश वणन नूँ नामदेब नूं करदे निमस्कारे जी।
इक इक मोदन सब को बाँटिया,सणे सारे पंडे कटुंबारे।
अगल बगल पंड़ियाँ गेरे नामे खाई परवारे रे।
आप हरि ने रक्षा किन्ही बच रहे परवारे जी।
मलाह पंडे मिल सिंध डुबोया ईशवर पार उतारे जी।
मीरांबाई आई शरन गुरां दी, उसनूं वी जहर पिला लिया जी।
ईशरदासा घट ना गुजारी रखे सी सिरजन हारे जी।
करतार जी सबहूँ धक्के नामदेव जी नूं मारे।
शुद्र जाति नामा जानिया कढण ठाकुर दुआरे।
देहरे दे कर वट नामा बैठा रो रो धाही मारे।
हे ठाकुर तूँ मृतक देह दे ढोई ना तेरे दुआरे।
आए रविदास फेरिया देहरा पंडे रहे पुछबाड़े।
पैज रखी ईशवर नाम दी, पण्डे ना घट गुजारे।
जिहनाने जुलम गुजारे भारे पूजें ना उन्हाने दुआरे।
भगवानदास निज गुरुआँ दे देख लओ नजर नजारे।
।।शव्द पहाड़ी।।
जहर खा के मरदे वी नहीं जेहड़े सांई दे पियारे जी।
जहर पा प्रसाद लिआये पंड़ियाँ धरोह कमा लिया।
शिश वणन नूँ नामदेब नूं करदे निमस्कारे जी।
इक इक मोदन सब को बाँटिया,सणे सारे पंडे कटुंबारे।
अगल बगल पंड़ियाँ गेरे नामे खाई परवारे रे।
आप हरि ने रक्षा किन्ही बच रहे परवारे जी।
मलाह पंडे मिल सिंध डुबोया ईशवर पार उतारे जी।
मीरांबाई आई शरन गुरां दी, उसनूं वी जहर पिला लिया जी।
ईशरदासा घट ना गुजारी रखे सी सिरजन हारे जी।
Comments
Post a Comment